पंचायत चुनाव में प्रत्याशियों ने अपने पक्ष में माहौल बनाने के लिए खूब पैसा बहाया और धन-बल का इस्तेमाल किया। वहीं, 1452 प्रत्याशी ऐसे भी हैं जो बिना चुनाव लड़े गांव की सरकार चलाएंगे। ये सभी प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं।
पंचायत चुनाव में प्रत्याशियों ने अपने पक्ष में माहौल बनाने के लिए खूब पैसा बहाया और धन-बल का इस्तेमाल किया। वहीं, 1452 प्रत्याशी ऐसे भी हैं जो बिना चुनाव लड़े गांव की सरकार चलाएंगे। ये सभी प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। पंचायत चुनाव के लिए प्रधान, बीडीसी के उम्मीदवारों ने होर्डिंग, खान-पान और शक्ति प्रदर्शन के लिए रैलियों में जमकर नोट उड़ाए। वोटिंग वाले दिन भी मतदाताओं को घर से मतदान केंद्रों तक लाने के लिए गाड़ियों की बुकिंग पर पैसा खर्च हुआ।
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प्रतिद्वंद्वियों में एक-दूसरे से आगे निकलने की होड़ मची रही। इस सबके बीच ग्राम प्रधान के 42 प्रत्याशी ऐसे रहे जो धन-बल का प्रयोग किए बिना निर्विरोध मुखिया चुन लिए गए। बीडीसी के 23 और सदस्य ग्राम पंचायत पद पर 1387 प्रत्याशी निर्विरोध चुने गए हैं।
भीमताल : तीन प्रधान, आठ बीडीसी और 176 वार्ड सदस्य निर्विरोध चुने गए।
ओखलकांडा: पांच प्रधान, तीन बीडीसी और 122 वार्ड सदस्य निर्वाचित हुए।
धारी: दो प्रधान, छह बीडीसी और 65 वार्ड सदस्य के सामने कोई नहीं उठा।
रामगढ़ : नौ प्रधान, दो बीडीसी और 73 वार्ड सदस्य का बिना विरोध चुनाव हुआ।
कोटाबाग: एक प्रधान, एक बीडीसी और 234 वार्ड सदस्य बने।
रामनगर : एक प्रधान, एक बीडीसी और 218 वार्ड सदस्य के सामने प्रतिद्वंद्वी नहीं था।
हल्द्वानी: पांच प्रधान, एक बीडीसी और 315 वार्ड सदस्य का निर्विरोध निर्वाचन हुआ।
बेतालघाट : 16 प्रधान, एक बीडीसी और 184 वार्ड सदस्य चुने जा चुके हैं।