नगर पालिका द्वारा अब माल रोड पर लेक ब्रिज के वीआईपी पास जारी नहीं किए जाएंगे। यानि कि अब माल रोड पर गाड़ी दौड़ाने के लिए नगर के विशिष्ट लोगों को भी पालिका में निर्धारित शुल्क जमा कर सामान्य पास लेना होगा या फिर माल रोड पर प्रवेश करते समय लेक ब्रिज में तयशुदा शुल्क की पर्ची कटानी होगी।
पालिकाध्यक्ष श्याम नारायण ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वीआईपी कल्चर खत्म करने संबंधी पहल से प्रेरणा लेकर यह फैसला लिया है। बता दें कि लेक ब्रिज के नाम पर पालिका पिछले कई वर्षों से सालाना 200 लोगों को वीआईपी पास जारी करती थी।
जिन लोगों के पास वीआईपी पास होते थे, उन्हें बगैर कोई शुल्क दिए माल रोड पर प्रवेश करने दिया जाता था। इसके अलावा पालिका निर्धारित शुल्क लेकर स्थानीय वाहन स्वामियों को सामान्य पास भी जारी करती है।
पालिकाध्यक्ष श्याम नारायण ने बताया कि उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वीआईपी कल्चर खत्म करने की पहल अच्छी लगी और वह इससे प्रभावित हुए हैं। प्रधानमंत्री की इस पहल को देखते हुए ही उन्होंने इस बार नगर पालिका द्वारा लेक ब्रिज टैक्स के वीआईपी पास जारी न करने का फैसला लिया है।
बताया जाता है कि लेक ब्रिज टैक्स बचाने को वीआईपी पास जुटाने के लिए अब तक पालिका प्रशासन के पास दो सौ से अधिक आवेदन पत्र पहुंच चुके हैं। साथ ही कई लोग वीआईपी पास लेने के लिए सिफारिशें भी लगवा रहे थे।
बता दें कि नगर पालिका प्रशासन माल रोड पर लेक ब्रिज टैक्स वसूलने के लिए ठेका करती है। इस बार चार बार की निविदाएं आमंत्रित करने के बावजूद किसी ठेकेदार ने निविदा नहीं डाली। लिहाजा पालिका स्वयं ही लेक ब्रिज टैक्स वसूल रही है।