रामनगर में बाघ के हमले में मारी गई महिला के परिजनों को 25 लाख मुआवजा सहित अन्य मांगों को लेकर ग्रामीणों ने धरना देकर तीन घंटे तक ढेला गेट बंद किया। ग्रामीणों ने आगामी 21 दिसंबर को वन परिसर रामनगर में धरने की चेतावनी दी।
रामनगर में बाघ के हमले में मारी गई महिला के परिजनों को 25 लाख मुआवजा सहित अन्य मांगों को लेकर ग्रामीणों ने धरना देकर तीन घंटे तक ढेला गेट बंद किया। इस पर पर्यटकों को दूसरे रास्ते से पर्यटन जोन में सफारी के लिए भेजा गया। समस्याओं का समाधान न करने पर ग्रामीणों ने आगामी 21 दिसंबर को वन परिसर रामनगर में धरने की चेतावनी दी।
विज्ञापन
बृहस्पतिवार को धरने पर वक्ताओं ने कहा कि हम पर्यावरण व टाइगर संरक्षण के खिलाफ नहीं है लेकिन इंसानों को मारकर जानवरों को बचाने की नीति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बाघ और तेंदुए गांव में आकर लोगों पर हमला कर रहे हैं।
कहा कि वन प्रशासन पटरानी के बच्चों के जीवन के साथ खिलवाड़ कर रहा है। सरकार को बच्चों के स्कूल आने-जाने के लिए बस की व्यवस्था करनी चाहिए। कार्यक्रम संयोजक ललित उप्रेती ने बताया कि 25 लाख मुआवजा, घायल अंकित के इलाज के बिलों का भुगतान, बाघ के आतंक से निजात समेत अन्य मांगों को लेकर 21 दिसंबर को बड़ी संख्या में लोग वन परिसर रामनगर पहुंचेंगे और आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी। यहां जसवंती देवी, पुष्पा चंदोला, बसंत, शारदा, रेखा आर्य, किशोरी लाल, महेश जोशी, संजय मेहता, मनीष कुमार आदि महिलाएं थी।