रामनगर ढेला गांव में बैठक के दौरान विधायक के समक्ष गुस्सा जाहिर करता ग्रामीण। अमर उजाला
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रामनगर (नैनीताल)। ढेला गांव को ईको सेंसिटिव जोन के दायरे में लेने पर धरनारत ग्रामीण शनिवार सुबह झिरना पर्यटन मार्ग को बंद करेंगे। ग्रामीणों के एलान से कॉर्बेट प्रशासन सकते में आ गया है और वह ग्रामीणों को मनाने का प्रयास रहा है। दूसरी ओर धरना स्थल पर पहुंचे विधायक को ग्रामीणों के गुस्से का सामना करना पड़ा। हालांकि बाद में विधायक ने आंदोलन को समर्थन दिया।
ईको सेंसिटिव जोन के विरोध में ढेला बंदोबस्ती के ग्रामीण तीन दिन से गांव में धरने पर बैठे हैं। वह गांव को ईको सेंसिटिव जोन से बाहर करने की मांग कर रहे है। शुक्रवार को ग्रामीणों ने आंदोलन को उग्र करने की रणनीति पर विचार करते हुए शनिवार (आज) सुबह झिरना गेट को बंद करने का एलान किया। कहा कि यदि समस्या का निराकरण नहीं किया गया तो ग्रामीण अन्य गेटों पर भी आवाजाही बंद कर देंगे। दूसरी ओर धरनास्थल पर पहुंचे विधायक दीवान सिंह बिष्ट को ग्रामीणों के गुस्से का सामना करना पड़ा।
ग्रामीणों ने नाराजगी जताई कि वह अब तक ग्रामीणों की सुध लेने क्यों नहीं पहुंचे। उन्होंने विधायक बिष्ट से कहा कि सेंसिटिव जोन के मामले में उनकी पैरवी करें। ग्रामीणों के गुस्से को देखते हुए विधायक ने पूर्ण समर्थन करने का ऐलान किया। इस मौके पर ब्लॉक प्रमुख पति इंदर रावत, ललित डंगवाल, जसवंत, प्रधान मदनमोहन, रमेश अधिकारी, कविंद्र सिंह, ख्याली दत्त, प्रभात करगेती आदि रहे। सीटीआर निदेशक राहुल ने बताया कि झिरना पर्यटन गेट बंद करने की जानकारी नहीं है। यदि ग्रामीण झिरना गेट बंद करते है तो प्रशासन को सूचना दी जाएगी और कार्रवाई की जाएगी।