लालकुआं। बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का प्रस्ताव बुधवार को उत्तराखंड कैबिनेट में नहीं आने को ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष पुष्कर दानू एवं संघर्ष समिति के अध्यक्ष कुंदन सिंह मेहता ने जनता के साथ धोखा बताया। वहीं विधायक लालकुआं डॉ. मोहन सिंह बिष्ट ने कहा कि थोड़ी कमी रहने के चलते अब अगली कैबिनेट में यह प्रस्ताव पारित होगा। कहा कि संबंधित पत्रावली में कुछ कागजात कम पड़ गए थे जिन्हें पूरा करने के लिए वन विभाग के आला अधिकारियों से कहा गया था। वह समय पर कागजात जमा नहीं कर पाए। लिहाजा अगली कैबिनेट बैठक में बिंदुखत्ता राजस्व गांव का प्रस्ताव पारित होगा। उधर बिंदुखत्ता राजस्व गांव के मामले में प्रस्ताव पारित कर बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा देने की मांग को लेकर देहरादून में मुख्यमंत्री हरीश रावत के गांधी पार्क में उपवास एवं धरना कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बिंदुखत्ता के ग्रामीणों ने भी शिरकत की। संवाद
राज्य आंदोलनकारियों ने भी राजस्व गांव की मांग की
लालकुआं। उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों ने तहसील लालकुआं में प्रदेश के मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेज कर बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम घोषित करने की मांग की है। राज्य आंदोलनकारियों ने कहा कि बिंदुखत्ता के अंदर शत प्रतिशत उत्तराखंड मूल के निवासी हैं। पलायन के कारण पूर्वजों को अपनी जीविका अर्जित करने हेतु पहाड़ों से तराई की ओर आने को मजबूत होना पड़ा था। दिन रात मेहनत कर उन्होंने बंजर जमीन को उपजाऊ बनाया गया। बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम के नाम पर पहले कांग्रेस और भाजपा ने गुमराह कर यहां के ग्रामीणों के अधिकारों पर डाका डाला है। इस दौरान राज्य आंदोलनकारी प्रेम सिंह नेगी, विक्की पाठक, पूरन परिहार, ललित कांडपाल, नंदन जग्गी आदि मौजूद थे। संवाद