तीन और चार नवंबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू नैनीताल भ्रमण व प्रवास पर हैं। नैनीताल के एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी के निर्देशन कड़ी सुरक्षा व यातायात प्रबंध कर लिए गए हैं। एसएसपी ने कहा राष्ट्रपति विश्राम करेंगी, लेकिन पुलिस बल सावधान रहेगा, एक छोटी सी चूक राज्य की छवि खराब कर सकती है।
रविवार को पुलिस लाइन में इस संबंध में सभी पुलिस कर्मियों को ब्रीफ किया गया। अपर पुलिस महानिदेशक अपराध एवं कानून व्यवस्था उत्तराखंड डॉ. वी. मुरुगेशन ने राष्ट्रपति दौरे को लेकर सभी राजपत्रित अधिकारियों, अन्य पुलिस अधिकारियों और पुलिस बल को सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के स्पष्ट निर्देश दिए। कहा ड्यूटी प्वाइंट में वीवीआईपी को थ्रेट अवधारणा के सापेक्ष कार्यवाही करें। एसपी अपराध व यातायात डॉ. जगदीश चंद्र की ओर से वीवीआईपी कार्यक्रम की रूट व्यवस्था तथा फोर्स डिप्लॉयमेंट के बारे में विस्तृत जानकारी दी। अपर पुलिस अधीक्षक पुलिस दूर संचार रेवाधर मठपाल ने संचार व्यवस्था के बारे में बताया। इस मौके पर पुलिस महानिरीक्षक अभिसूचना उत्तराखंड करन सिंह नगनयाल, सेनानायक 31वीं वाहिनी पीएसी यशवंत सिंह, 46 वीं वाहिनी पीएसी रुद्रपुर के सेनानायक पंकज भट्ट, एसएसपी अल्मोड़ा देवेंद्र पींचा, एएसपी पिथौरागढ़ रेखा यादव, एसपी बागेश्वर चंद्रशेखर आर घोड़के, एसपी चंपावत अजय गणपति कुंभार, एसपी हल्द्वानी हरीश वर्मा, एडीएम विवेक राय, एडीएस वित्त शैलेंद्र सिंह नेगी आदि मौजूद रहे।
वीवीआईपी सुरक्षा ड्यूटी के सभी मापदंडों का हो पालन: आईजी
पुलिस को प्रशासन की टीमों का मिलेगा पूर्ण सहयोग: डीएम
डीएम ललित मोहन रयाल ने अपने अनुभवों को साझा किया। उन्होंने कहा कि पुलिस को प्रशासन की टीमों की ओर से सभी आवश्यक सहयोग दिया जाएगा। सभी टीमों को बेहतर समन्वय के साथ वीवीआईपी कार्यक्रम को सकुशल संपन्न कराने के दिशा निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान इस प्रकार डाइवर्जन किया जाए कि जनता के सुगम आवागमन की व्यवस्था बनी रहे। जनता को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। सभी इंटेलिजेंस टीम, बीडीएस, स्वान दल, सोशल मीडिया मॉनिटरिंग टीम, फायर, एसडीआरएफ टीमों को एक्टिवेट मोड में कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।
यह दिए गए निर्देश
- अपने चारों तरफ क्या हो रहा है इसकी जानकारी रखें।
- पहचान पत्र साथ में रखें और अनावश्यक आपसी वार्ता या मोबाइल का प्रयोग न करें।
- कार्यक्रम समाप्त होने का आदेश जारी होने तक ड्यूटी पॉइंट न छोड़ें।
- कोई भी समस्या अथवा जानकारी के अभाव होने पर उच्चाधिकारी के संज्ञान में लाएं।
- कार्यक्रम स्थल पर नियुक्त पुलिस फोर्स का ध्यान कार्यक्रम पर नहीं बल्कि उसके आस-पास क्या प्रतिक्रिया हो रही है उसे पर होना जरूरी है।
- जिले में सघन चेकिंग अभियान चलाया जाय।
- ड्रोन को प्रतिबंधित किया गया है, एंटी ड्रोन सिस्टम विकसित करें।
- सभी कार्यक्रम और प्रवास स्थलों में एटीएस टीमों को एक्टिवेट किया गया है।
यह बल किया गया तैनात
राजपत्रित अधिकारी- 31
निरीक्षक- एसआई- 302
हेड कांस्टेबल व कांस्टेबल- 938
पीएसी- 03 कंपनी 02 प्लाटून
फायर, एटीएस, एसडीआरएफ, बीडीएस की टीमें