कुमाऊं विवि की एक शोधकर्ता डॉ. गीता आर्या ने पर्वतारोहण को लेकर किए शोध के बाद दावा किया है कि यदि सरकार राज्य में पर्वतारोहण से संबंधित पाठ्यक्रम शुरू करे तो कम समय में युवा स्वरोजगार से जुड़ सकेंगे।
कुमाऊं विवि की एक शोधकर्ता डॉ. गीता आर्या ने पर्वतारोहण को लेकर किए शोध के बाद दावा किया है कि यदि सरकार राज्य में पर्वतारोहण से संबंधित पाठ्यक्रम शुरू करे तो कम समय में युवा स्वरोजगार से जुड़ सकेंगे। उन्होंने शोध में उत्तरकाशी का उदाहरण दिया जहां तमाम युवा पर्वतारोहण से ही रोजगार कर आजीविका चला रहे हैं।
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डॉ. गीता का कहना है कि कुमाऊं में पर्वतारोहण के क्षेत्र में रोजगार की असीम संभावनाएं हैं। डॉ. गीता ने बताया कि नेहरू पर्वतारोही संस्थान उत्तरकाशी में पर्वतारोहण सिखाया जाता है। कोर्स के बाद युवा पर्वतारोही बनना, अभियान गाइड, चढ़ाई प्रशिक्षक, पर्वत बचाव विशेषज्ञ, आउटडोर शिक्षक या साहसिक पर्यटन और अभियान योजना में रोजगार कर सकते हैं। डाॅ. गीता का कहना है कि सरकार कुमाऊं में भी ऐसे ही संस्थान खोले जहां स्थानीय युवाओं को पर्वतारोहण में दक्ष बनाकर स्वरोजगार से जोड़ा जा सके।
39 एजेंसियां खुली
शोध में गीता ने पाया कि बीते कुछ वर्षों से पर्वतारोहण के लिए युवाओं की रुचि बढ़ी है। ऐसे में उत्तरकाशी में करीब 39 एजेंसियां खुल चुकी हैं। युवा पर्वतारोहण के साथ ही स्कीइंग की कला व अन्य क्षेत्र में बेहतरीन कार्य कर रहें हैं। ऐसे में लोग बाहरी राज्यों में रोजगार की खोज करने के बजाय स्वयं का कारोबार कर रहे हैं।
माध्यमिक शिक्षा से हो शुरुआत
डॉ. गीता का कहना है कि अगर माध्यमिक शिक्षा से ही पर्वतारोहण के विषय में छात्र-छात्राओं को अध्ययन कराया जाए, तो इसमें बच्चों की रूचि बढ़ेगी। सरकार आर्टीफिशियल वॉल बनाने के साथ ही पर्वतारोहण के क्षेत्र में कार्य करे और सैलानियों को पर्वतारोहण के प्रति जागरूक करे।