दुष्कर्म-पॉक्सो के मामले में नामजद नैनीताल दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ के अध्यक्ष मुकेश बोरा को पुलिस ने 23 दिन बाद रामपुर यूपी के चक्कू चौक से गिरफ्तार कर लिया है। वह 23 दिनों से फरार चल रहा था। मुकेश बोरा रामपुर में अपने वकील से मिलने आ रहा था। इसी दौरान पुलिस ने सर्विलांस की मदद से उसे गिरफ्तार कर लिया है।
मूलरूप च्यूरी गाड़ धारी मुक्तेश्वर नैनीताल और हाल हिम्मतपुर मल्ला मुखानी निवासी मुकेश बोरा पर एक महिला कर्मी ने एक सितंबर को लालकुआं कोतवाली में मुकेश बोरा और उसके चालक कमल बेलवाल के खिलाफ तहरीर दी थी। आरोप था कि मुकेश बोरा ने स्थायी नौकरी का वादा कर उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। साथ ही उसकी 12 साल की बच्ची पर भी गलत नजर रख रहा था। आरोपी ने 12 वर्षीय बेटी से भी छेड़छाड़ की। इस मामले में एक सितंबर को मुकदमा दर्ज होते ही मुकेश फरार हो गया था। तब से पुलिस की पांच टीमें लगातार उसकी तलाश कर रही थीं।
पुलिस बहुउद्देशीय भवन में मामले का खुलासा करते हुए एसएसपी पीएन मीणा ने बताया कि मुकेश ने फरारी के दौरान लगातार अपने ठिकाने बदले। वह उत्तराखंड से भाग कर बरेली, नोएडा, फरीदाबाद, दिल्ली, मध्य प्रदेश और राजस्थान में रुका। कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट में अपने वकील के माध्यम से जमानत लेना चाहता था। इस मामले में वह अपने वकील से मिलने रामपुर आ रहा था। आरोपी के पीछे लगी पुलिस टीमों ने मोबाइल सर्विलांस और सीसीटीवी की मदद से उसे ट्रैक किया और उत्तर प्रदेश के रामपुर स्थित चक्कू चौक से गिरफ्तार कर लिया।
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पुलिस ने मुकेश बोरा के पास से एक नया मोबाइल बरामद किया है। इस नए मोबाइल से पुलिस सीडीआर निकालेगी। इस सीडीआर की मदद से ये पता लगाएगी कि मुकेश बोरा किस-किसके संपर्क में था, उसे आर्थिक मदद कौन उपलब्ध करा रहा था। वह इस दौरान कहां-कहां रुका था।
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