हल्द्वानी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन की नवाबी रोड स्थित एक बैंक्वट हाल में बैठक हुई। उत्तराखंड के प्रमुख शहराें से पहुंचे वितरकों ने कहा कि दिल्ली और दूसरे शहरों से टैक्स चोरी का माल प्रदेश आ रहा है। इससे वितरक अपना टारगेट पूरा नहीं कर पा रहे हैं। इससे सरकार को राजस्व नुकसान के साथ ही वितरकों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।
वक्ताओं ने कहा कि वैट को लेकर तमाम भ्रांतियां हैं। प्रदेश की कंपनियां कई उत्पादों पर पांच फीसदी वैट के हिसाब से बिल पर वैट जोड़ती हैं। वितरक इसी टैक्स के आधार पर माल की सप्लाई एवं बिक्री करते हैं। वाणिज्य कर विभाग के अधिकारी वार्षिक बिक्री के कर निर्धारण के वक्त पांच फीसदी टैक्स वाले उत्पादों पर 13.5 फीसदी टैक्स का आदेश जारी कर वितरकों का डिमांड निकाल देते हैं। वक्ताओं ने कहा कि कंपनियां सुपर स्टाकिस्ट पर दबाव बनाने के लिए शहर में दो यो उससे अधिक डिस्टीब्यूटर्स नियुक्त कर शोषण कर रही हैं। सुपर स्टाकिस्ट का टारगेट कंपनियां ही निर्धारित कर रही हैं, जिससे माल नहीं निकलने पर स्टाकिस्ट को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
बैठक में निर्णय हुआ कि हर शहर में वितरकों की टीम बनाई जाएगी, जो वितरकों की समस्याओं को प्रदेश कार्यकारिणी के माध्यम से संबंधित विभागों, कंपनियों और सरकार तक पहुंचाएगी। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष सुभाष कोहली, महामंत्री नितिन शर्मा, अरविंद गुप्ता, कश्मीरी लाल साहनी, हितेंद्र भसीन, संजय राजपूत, अतुल प्रताप सिंह, मनोज गुप्ता, संजय खाती, संजय आनंद, हरचंद्र नारवानी, हेमंत कोठारी, गौरव अग्रवाल, मुरली मनोहर, प्रभात तिवारी, आलोक कश्यप, संजय राजपूत, कमलजीत शर्मा, हर्ष अग्रवाल, पृथ्वीराज आर्य आदि थे।
वितरक बोले, ग्राहकों को मॉल से मिल रहा सस्ता सामान
वितरकों ने मॉल एवं सुपर स्टोर में ग्राहकों को मिलने वाले सस्ते सामान का विरोध किया। कहा कि मॉल और सुपर स्टोर संचालक सीधे कंपनियों से माल खरीद रहे हैं। इन जगहों पर ग्राहकों को सस्ता सामान मिल रहा है, जिससे वितरकों का टारगेट प्रभावित हो रहा है।
बाजार में बिक रहा कैंटीन का सामान
बैठक में कैंटीन का सामान खुले बाजार में बिकने का मामला भी उठा। वितरकों ने कहा कि उत्तराखंड में फौजियों की बड़ी संख्या है। फौजी परिवारों को कैंटीन से सस्ता सामान मिलता है। फौजी परिवार अपनी जरूरत से अधिक सामान कैंटीन से लाकर दुकानों से ग्राहकों को बेचते हैं।