कार्बेट टाइगर रिजर्व (सीटीआर) में इन दिनों एक सेटेलाइट
फोन के इस्तेमाल होने से पार्क प्रबंधन में खलबली मची है। पिछले तीन महीने
से सीटीआर के कालागढ़ डिवीजन में कोई लगातार सेटेलाइट फोन का इस्तेमाल कर
रहा है, लेकिन इसका पता न तो आज तक वन विभाग को लग पाया है और न ही पुलिस
को। दो दिन पूर्व इसी क्षेत्र में सेटेलाइट फोन का इस्तेमाल किया गया है।
इसकी जानकारी मिलते ही वन विभाग और पुलिस महकमा साथ मिलकर जंगल में संघन
चेकिंग अभियान चला रहे हैं।
कालागढ़ डिवीजन यूपी के बॉर्डर से लगा हुआ है। इस सेटेलाइट फोन का पता
लगाने के लिए उत्तराखंड सरकार खुफिया एजेंसी आईबी की मदद ले रही है और पूरे
इलाके में लगातार कांबिग जारी है। सूत्रों के मुताबिक इस इलाके में पिछले
तीन-चार माह में कई बार सेटेलाइट फोन का इस्तेमाल हुआ है।
इस क्षेत्र से वीवीआईपी का भी आवागमन रहता है। बाघ और हाथियों की तादाद भी
यहां खासी है। कालागढ़ डैम भी यहीं है, जो बहुत बड़े इलाके में है। इसकी
सुरक्षा के लिए उत्तराखंड सरकार वन विभाग और यूपी पुलिस तैनात रहती है। ऐसे
में सेटेलाइट फोन के इस्तेमाल होने से कालागढ़ डैम की सुरक्षा भी बढ़ा दी
गई है।
इधर, कार्बेट पार्क के डायरेक्टर समीर सिन्हा ने बताया कि विभाग कई
एजेंसियों के संपर्क में है। उन्होंने बताया कि सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि
इसकी सूचना थोड़ी देर से मिलती है। फिर भी जल्द मामले का पटाक्षेप कर दिया
जाएगा।