फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उत्तराखंड: कूड़ा बीनने वालों को योजनाओं का लाभ नहीं मिलने पर हाईकोर्ट सख्त, शहरी विकास सचिव से मांगा जवाब

Fri, 30 Oct 2026 10:54 PM IST
Heera अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल

सार

नैनीताल हाईकोर्ट ने कूड़ा बीनने वालों व उनके बच्चों को सरकारी योजनाओं का लाभ न मिलने पर स्वतः संज्ञान लेते हुए शहरी विकास सचिव को व्यक्तिगत शपथपत्र पेश करने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
उत्तराखंड हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

नैनीताल हाईकोर्ट ने राज्य में कूड़ा बीनने वाले लोगों व उनके बच्चों को सरकार की ओर से प्रदत्त सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं दिए जाने के मामले पर राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की रिपोर्ट का स्वतः संज्ञान लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद सचिव शहरी विकास को व्यक्तिगत शपथपत्र पेश करने के निर्देश देते हुए पूछा है कि प्रदेश में कूड़ा बीनने वाले आखिर किस समुदाय के हैं और इनको जीवन यापन करने के लिए जरुरी सुविधाएं उपलब्ध क्यों नहीं कराई जा रही है, इनके बच्चो की शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए क्या कदम उठाये गए है।

विज्ञापन


कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी एवं न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने अपनी एक सर्वे रिपोर्ट में पाया था कि हाईकोर्ट व अन्य जिला विधिक प्राधिकरणों की रिपोर्ट के आधार पर कूड़ा बीनने वालों को जरूरी सामान व उनके बच्चों को राज्य व केंद्र सरकार के द्वारा प्रदत्त सुविधाओ का लाभ नही मिल रहा है। जिसकी वजह से उनके बच्चे वही के वही काम करते आ रहे है जिसकी वजह से उनका मानसिक व बौद्धिक विकास नही हो पा रहा है, इसलिए उन्हें भी केंद्र सरकार व राज्य सरकार की तरफ से योजनाओं का लाभ दिया जाए जैसे आम नागरिकों को मिल रहा है। ताकि उनके बच्चों को वही कार्य नही करना पड़े। उनके बच्चो का विकास होना भी अति आवश्यक है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें