नैनीताल हाईकोर्ट ने लंबे समय से निश्चित मानदेय पर कार्यरत स्टेनोग्राफर की नियमितीकरण के मामले में दायर याचिका पर सुनवाई के बाद जिलाधिकारी देहरादून को संबंधित प्रत्यावेदन पर कानून के अनुसार निर्णय लेने के निर्देश दिए हैं।
न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार देहरादून निवासी लीला नेगी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि वह जनवरी 2002 से स्टेनोग्राफर के पद पर निश्चित मानदेय पर कार्यरत हैं और वह 24 वर्ष की सेवा पूरी कर चुकी हैं। याचिका में कहा कि उन्होंने नियमितीकरण नियम, 2013 तथा 5 दिसंबर 2025 के संशोधन के तहत नियमितीकरण किया जाए।
याचिकाकर्ता का कहना था कि वह स्वीकृत पद पर कार्यरत हैं और स्टेनोग्राफर के पद के लिए आवश्यक योग्यता रखती हैं। याचिका में कहा कि उन्होंने नियमितीकरण के लिए 27 सितंबर 2025 को जिलाधिकारी देहरादून के समक्ष प्रत्यावेदन दिया है लेकिन अभी तक उस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया। हाईकोर्ट ने जिलाधिकारी देहरादून को निर्देश दिया कि वे 27 सितंबर 2025 के प्रत्यावेदन पर तीन माह के भीतर कानून के अनुसार कारणयुक्त एवं स्पष्ट आदेश पारित करें।