सुप्रीम कोर्ट ने किच्छा और सिरौली कलां नगर पालिका चुनाव की मतगणना मामले में निर्देश दिया है कि आगामी 7 अक्तूबर को दोनों नगर पालिकाओं की मतगणना कराई जाए। इसके साथ ही अदालत ने शनिवार तक मतगणना से जुड़ी पूरी रिपोर्ट शपथपत्र के माध्यम से कोर्ट में दाखिल करने के भी निर्देश दिए हैं। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी की कि यदि नगर पालिका जैसे स्थानीय चुनाव की मतगणना नहीं कराई जा सकती, तो विधानसभा चुनावों में वोटों की गिनती कैसे हो पायेगी।
मामले के अनुसार किच्छा निवासी अलीना मलिक और अन्य याचिकाकर्ताओं ने उत्तराखंड हाईकोर्ट के फैसले के बाद सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। मतदान के दौरान बूथों पर हुए हंगामे और तनाव का हवाला देकर राज्य सरकार ने कानून-व्यवस्था संभालने के लिए मतगणना टालने और दो सप्ताह का अतिरिक्त समय देने की मांग की थी। चुनाव संपन्न होने के एक सप्ताह बाद भी मतपेटियां बंद रहने पर संज्ञान लेते हुए शीर्ष अदालत ने सरकार की अर्जी खारिज कर दी और तय समय सीमा में परिणाम घोषित करने का आदेश दिया।