नैनीताल हाईकोर्ट ने देहरादून के क्लेमेंट टाउन और केंटोमेन्ट क्षेत्र के अंतर्गत बहने वाले नाले व उसके आसपास हुए अतिक्रमण के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद याचिका को निस्तारित करते हुए जिला अधिकारी देहरादून को निर्देश दिए हैं कि वे छह माह के भीतर याचिकाकर्ता के प्रत्यावेदन पर निर्णय लेकर अतिक्रमण हटाने के संबंध में विधि अनुसार निर्णय लें।
कोर्ट ने यह भी कहा है कि निर्णय लेते वक्त अतिक्रमणकारियों का पक्ष भी सुना जाए। पूर्व में सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सरकार और केंटबोर्ड से पूछा था कि क्या वहां पर अतिक्रमण हुआ है निरीक्षण करके कोर्ट को अवगत कराएं। सुनवाई पर सरकार और केंटबोर्ड की तरफ से अवगत कराया गया कि नाले के ऊपर और आसपास अतिक्रमण हुआ है, यह क्षेत्र केंटबोर्ड के अंतर्गत आता है। इसे चिन्हित करने के लिए संबंधित विभागों की एक टीम गठित की जाएगी जो दशहरा अवकाश के बाद इनको चिन्हित कर उनका पक्ष सुनेगी और उसके बाद नाले पर हुए अतिक्रमण को हटाने कि कार्यवाही शुरू की जाएगी।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी एवं न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार क्लेमेंट टाउन निवासी संजय कुमार ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि क्लेमेंट टाउन क्षेत्र स्थित भारु वाला क्षेत्र में नाला बहता है, जो आगे जाकर बिंदाल नदी में मिलता है और यह क्षेत्र केंटबोर्ड की अधीन आता है। याचिका में कहा कि कई लोगों ने इस नाले पर और उसके आस पास अतिक्रमण करके इसे पाट दिया गया है जिसकी वजह से कभी भी क्षेत्र में जल प्रलय आ सकता है। इसलिए इस पर हुए अतिक्रमण को हटाया जाय। याचिका में कहा कि अतिक्रमण को हटाने की लिए उनके द्वारा जिला अधिकारी केंटबोर्ड और अन्य संबंधित विभागों को 12अगस्त 2026 को प्रत्यावेदन भी दिया गया लेकिन उस पर आज की तिथि तक प्रशासन ने कोई निर्णय नही लिया।