नैनीताल हाईकोर्ट ने उत्तरकाशी जिले के धरासू में रास्ते के विवाद को लेकर दर्ज मामले में याचिकाकर्ताओं की गिरफ्तारी पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है। हालांकि अदालत ने याचिकाकर्ताओं को जांच में सहयोग के निर्देश दिए हैं। न्यायमूर्ति आलोक महरा की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार उत्तरकाशी निवासी कमल सिंह और अन्य ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर उनकी गिरफतारी पर रोक लगाने व दर्ज एफआईआर को निरस्त करने की मांग की थी।
याचिका में कहा कि खिलाफ धरासू चिन्यालीसौड़ उत्तरकाशी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है उन पर लगाए गए आरोप गलत और निराधार हैं। याचिका में कहा कि दोनों पक्षों में कृषि भूमि के बीच रास्ते के इस्तेमाल को लेकर पहले से विवाद चला आ रहा है। तीन परिवार अलग-अलग रास्तों का इस्तेमाल कर रहे हैं जबकि भूमि स्वामी ने सभी के लिए एक साझा रास्ते का इस्तेमाल करने का अनुरोध किया है। इसी विवाद के चलते उनके खिलाफ यह मामला दर्ज किया गया।
याचिकाकर्ताओं की ओर से कहा गया कि एफआईआर में घटना के किसी स्वतंत्र प्रत्यक्षदर्शी का नाम नहीं है और रास्ते के विवाद को आपराधिक रंग देने और जातिसूचक शब्दों के प्रयोग जैसे गंभीर आरोप जोड़े गए है। अदालत ने कहा कि आरोपों की जांच और साक्ष्यों के आधार पर पड़ताल इस स्तर पर नहीं की जा सकती। कोर्ट ने सरकार व अन्य को चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने अंतरिम आदेश जारी करते हुए कहा कि अगली तारीख तक याचिकाकर्ताओं की गिरफ्तार पर रोक लगाते हुए याचिकाकर्ताओं को जांच में सहयोग करने के निर्देश दिए हैं।