केंद्रीय वित्तमंत्री मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि उत्तराखंड के मैदानी क्षेत्र में काफी विकास हुआ, लेकिन क्षेत्रीय विषमता के चलते पहाड़ों पर उतना विकास नहीं हो सका है। वर्तमान विधानसभा चुनाव हार और जीत ही नहीं, प्रदेश की आर्थिक विकास की दिशा को भी तय करेगा।
केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली रविवार को यहां रामपुर रोड स्थित एक होटल में भाजपा द्वारा आयोजित प्रबुद्ध वर्ग की गोष्ठी में सवालों का जवाब दे रहे थे। जेटली ने कहा कि छोटे राज्यों का गठन होने के बाद हरियाणा, पंजाब और हिमाचल ने काफी विकास किया, लेकिन उत्तराखंड विकास की गति में पीछे रहा। उत्तराखंड में मैदानी इलाकों में उद्योग लगने से विकास दर बढ़ी, लेकिन पहाड़ के क्षेत्र विकास में पीछे छूट गए। पहाड़ की विकास दर बढ़ाने के लिए फूड पार्क विकसित करने की जरूरत है।
विधानसभा चुनाव प्रदेश के आर्थिक विकास की दिशा तय करेगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान नीति के अनुसार देश के 400 रेलवे स्टेशन को विकसित करने और संसाधन जुटाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। कहा कि चालू वित्त वर्ष में 35 और एयरपोर्ट को बनाने का लक्ष्य रखा गया है। विश्व में आई मंदी के बावजूद देश के कारपोरेट की वृद्धि दर 60 है। जेटली ने कहा कि नोटबंदी के दौरान 18 लाख ऐसे खाताधारक प्रकाश में आए हैं, जिनमें आय से अधिक धन जमा हुआ है। आयकर विभाग आय से अधिक संपत्ति के बाबत नोटिस भेज रहा है।
केंद्रीय वित्तमंत्री ने कहा कि चुनाव के चलते हर सवाल का जवाब नहीं दिया जा सकता है। जीएसटी लागू होने पर टैक्स के साथ परेशानी भी कम हो जाएगी। वित्तमंत्री से टैक्स बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष आईपी सिंह ने टैक्स देने वालों की संख्या बढ़ाने, हल्द्वानी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष बसंत जोशी ने अधिवक्ताओं को सुविधा देने, चार्टर्ड एकाउटेंट बीपी गुप्ता ने टैक्स में पारदर्शिता और पूर्व बार एसोसिएशन अध्यक्ष संजय पांडे ने अधिवक्ताओं के हितों पर चिंता जताई। डॉ. नीलांबर भट्ट ने डॉक्टरों को सुविधा देने और लखमी चंद अजवानी ने अतिरिक्त ट्रेन चलाने और माल बुकिंग की सुविधा का मुद्दा उठाया।