प्रगतिशील सांस्कृतिक पर्वतीय समिति पैठपड़ाव की ओर से आयोजित 23 वें वसंत महोत्सव का बृहस्पतिवार को समापन हो गया। अंतिम दिन प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आये रंगकर्मियों ने उत्तराखंड की संस्कृति के रंग बिखेरे। देर रात तक कार्यकम्र जारी था।
परिसर प्रागंण में कार्यक्रम का शुभारंभ संगीता अग्रवाल और विशिष्ठ अतिथि अनुज अग्रवाल ने दीप जलाकर किया। समिति पदाधिकारियों ने मुख्य अतिथि और विशिष्ठ अतिथि को शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया। रंगकर्मियों ने कुमाऊंनी, गढ़वाली, जौनसारी, नीती माणा शैली पर आधारित नाटकों और नृत्य की सुंदर प्रस्तुतियों से पौराणिक संस्कृति को संजोने का संदेश दिया।
मार्मिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों की आंखें नम कर दीं। विधाओं के अंतर्गत पिंडर घाटी बहुउद्देशीय विकास एवं सांस्कृतिक समिति थराली के कलाकारों ने प्रेम चंद्र द्वारा लिखित और सुभाष चंद्र द्वारा निर्देशित जीतू बग्ड्वाल का मंचन किया।
रामनगर सांस्कृतिक कला समिति ने ईश्वर पाठक निर्देशित और कीर्ति ग्याल के संगीत के साथ नरसिंह अवतार नाटक का मंचन किया। नव युवक सांस्कृतिक समिति अल्मोड़ा ने चंद्रशेखर आर्य द्वारा लिखित नाटक नौलख्खा दीवान का मंचन रमेश लाल के निर्देशन में किया।
युवा अंगवाल ग्रुप देहरादून द्वारा अरविंद नेगी के निर्देशन में वीर शिरोमणी माधोसिंह भंडारी नामक नाटक का मंचन किया गया। कर्ण भूमि कला मंच कर्णप्रयाग द्वारा दिनेश कुमार निर्देशित और दीपा द्वारा लिखित रानी वौराणी नाटक का मंचन किया गया।
इसके अलावा जय गोपीनाथ कला संगम गोपेश्वर, हिम मयूर सामाजिक वानिकी लोक कला मंच उत्तरकाशी, जय गंगा सांस्कृतिक समिति नैनीताल, भोर सोसायटी रामनगर, कला संगम गौजानी रामनगर की टीमों ने नृत्यों के माध्यम से खूब तालियां बटोरीं।
वहां समिति अध्यक्ष दिनेश चंद्र हर्बोला, सचिव दीप चंद्र जोशी, मनोज सती, मनोज तिवारी, बाला दत्त मठवाल, कैलाश चंद्र जोशी, नवीन करगेती, गिरिश मठपाल, अमित लोहनी, दिनेश सत्यवली, भावना भट्ट, रेवती सुंदरियाल, सोनी जोशी आदि थे।