कालाढूंगी और कोटाबाग का क्षेत्र हल्द्वानी जलसंस्थान के शहरी डिवीजन में शामिल होने की घोषणा के साथ भाजपा ने आंदोलन खत्म कर दिया है। विधायक बंशीधर भगत ने कहा कि भाजपा के आंदोलन का मकसद ग्रामीण डिवीजन के क्षेत्रफल का दबाव कम करना था।
शासन ने ग्रामीण डिवीजन से कोटाबाग एवं कालाढूंगी को हटाकर शहरी डिवीजन में शामिल करने की घोषणा कर दी है। इससे दोनों डिवीजन का क्षेत्रफल संतुलित हो गया है। पत्रकारों से बातचीत में विधायक बंशीधर भगत ने कहा कि जलसंस्थान के हल्द्वानी डिवीजन का क्षेत्रफल काफी अधिक होने के कारण ग्रामीण डिवीजन खोला गया है।
ग्रामीण डिवीजन खुलवाने की पहल उनके स्तर पर हुई, लेकिन श्रम मंत्री हरीश चंद्र दुर्गापाल ने ग्रामीण डिवीजन में ऊधमसिंह नगर के कुछ इलाके भी शामिल करवा दिए।
विधायक बंशीधर भगत ने कहा कि ऊधमसिंह नगर जिले के इलाके शामिल करने से ग्रामीण डिवीजन का क्षेत्रफल भी काफी बढ़ गया था। जिसका भाजपा ने विरोध किया। धरना एवं प्रदर्शन कर शासन को अवगत कराया।
विधायक भगत ने कहा कि शासन ने ग्रामीण डिवीजन का क्षेत्रफल कम करने के लिए कोटाबाग एवं कालाढूंगी को हल्द्वानी शहरी डिवीजन में शामिल करने की घोषणा की है।
उनके आंदोलन का मकसद पूरा हो चुका है, लिहाजा 27 जुलाई को प्रस्तावित धरना एवं प्रदर्शन स्थगित हो गया। प्रेस वार्ता में मेयर डा. जोगेंद्र सिंह रौतेला, भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मेहरा, नवीन पंत, विकास भगत, लाखन निगल्टिया और भाजपा कालाढूंगी मंडल के पदाधिकारी शामिल थे।