निजी बैंक के उत्पीड़न से परेशान टैक्सी चालक ने किया आत्मदाह का प्रयास
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कोतवाली हल्द्वानी क्षेत्र के दुर्गा सिटी सेंटर स्थित एक निजी बैंक के उत्पीड़न से परेशान टैक्सी चालक बनभूलपुरा निवासी जफर ने बुधवार को बैंक के सामने शरीर पर पेट्रोल छिड़कर आत्मदाह का प्रयास किया। गनीमत रही कि समय से पहुंची पुलिस ने उन्हें खुद को आग लगाने से रोका और तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे। पीड़ित ने बैंक पर तीन माह से बेवजह खाता फ्रीज करने और का आरोप लगाया है। टैक्सी चालक के मेडिकल परीक्षण में नशे में होने की पुष्टि भी हुई है। फिलहाल पीड़ित को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है।
टैक्सी चालक जफर के अनुसार उन्होंने करीब चार माह पहले ऑनलाइन ही निजी बैंक में खाता खुलवाया था। कुछ समय बाद ही बैंक ने खाता फ्रीज कर दिया। जानकारी करने पर बैंक कर्मियों ने खाते का सत्यापन और केवाईसी न होने की बात कही। पीड़ित ने बताया कि इसके बाद कई बार बैंक की तरफ से लोग सत्यापन करने के लिए उनके घर भी पहुंचे। इसके बावजूद खाता संचालित नहीं किया गया। हालात यह हो गए कि उन्हें मकान का किराया देने तक की मुसीबत हो गई। मकान मालिक ने घर में ताला डाल दिया। तीन माह से वह लगातार बैंक के चक्कर काट रहे थे लेकिन तब भी खाता शुरू नहीं किया गया। बुधवार को वह पेट्रोल की शीशी लेकर पहले बैंक पहुंचे और कर्मचारियों से बातचीत का प्रयास किया। बताया जा रहा है कि बैंक कर्मियों ने खाता चालू करने और रुपये निकालने देने से इंकार कर दिया। इसके बाद जफर बाहर आए और खुद पर पेट्रोल छिड़क लिया। इस दौरान डायल 112 की टीम मौके पर पहुंच गई और जफर को बेस अस्पताल ले गई।
तीन माह से फंसे थे पांच हजार रुपये
जफर के साथी टैक्सी चालकों ने बताया कि अधिकतर यात्री ऑनलाइन भुगतान करते हैं, इसलिए जफर ने बैंक में खाता खुलवाया था। खाता फ्रीज होने के बाद भी यात्रियों के किए भुगतान खाते में पहुंच रहे थे। करीब पांच हजार रुपये जमा हो गए थे। जफर ने जब पैसा निकालने का प्रयास किया तब बैंक कर्मियों ने मना कर दिया। उन रुपयों से वह मकान का किराया देना चाहता था।
पीड़ित का मेडिकल परीक्षण कराया गया है। कोई लिखित शिकायत फिलहाल नहीं दी गई है। पुलिस अपने स्तर से जांच कर रही है। बैंक प्रबंधन से भी पूरे मामले की जानकारी मांगी गई है। फिलहाल टैक्सी चालक का स्वास्थ्य ठीक है और निगरानी में है। हरबंस सिंह, एसपी सिटी