रामनगर। पीरूमदारा में उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) के 22वें द्विवार्षिक महाधिवेशन के दूसरे दिन केंद्रीय अध्यक्ष के चुनाव के दौरान जमकर हंगामा हो गया। आठ कार्यकर्ताओं की दावेदारी के बाद अध्यक्ष पद पर किसी तरह की सहमति नहीं बनने के बाद चुनाव अगले तीन महीने के लिए स्थगित कर दिया गया है।
पीरूमदारा के गुमानपुर स्थित एक बैंक्वेट हॉल में यूकेडी के 22वें द्विवार्षिक महाधिवेशन का बुधवार को दूसरा दिन था। इसमें प्रदेशभर के 300 से अधिक पदाधिकारी पहुंचे थे। महाधिवेशन में आठ कार्यकर्ताओं की केंद्रीय अध्यक्ष के लिए दावेदारी थी। काफी देर तक जब किसी भी नाम पर सहमति नहीं बनी तो चुनाव कराने का निर्णय लिया गया। इस दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने फौरन जबकि कुछ कार्यकर्ताओं ने तीन माह बाद चुनाव कराने की बात की। इसे लेकर कार्यकर्ताओं में तीखी बहस हो गई। देखते ही देखते बहस ने हंगामे का रूप ले लिया। इस दौरान कई कार्यकर्ता मंच पर भी चढ़ गए। विवाद बढ़ता देख वरिष्ठ पदाधिकारियों ने मामले को किसी तरह शांत किया। इसके बाद कार्यक्रम स्थगित कर दिया। इस दौरान इंद्र सिंह मनराल, सुशील उनियाल, किरन रावत आदि रहे। संवाद
अध्यक्ष चुनने वाले डेलीगेट्स को लेकर विवाद
केंद्रीय अध्यक्ष पद के लिए पूर्व में हुए नामांकन में पूरन सिंह कठैत, शांति भट्ट, पंकज व्यास, कुंदन बिष्ट, जयप्रकाश उपाध्याय, राजेंद्र सिंह बिष्ट, एके जुयाल और सुरेंद्र कुकरेती ने चुनाव अधिकारी समीर मुदेपी के समक्ष नामांकन किया था। बुधवार को चुनाव में कोशिश सर्वसम्मति से अध्यक्ष चुनने की कोशिश हुई। इस पर सहमति नहीं बनी तो चुनाव कराने की बात आई। यहां से अध्यक्ष बनने के लिए बनाए गए डेलीगेट्स को लेकर तमाम कार्यकर्ताओं ने आपत्ति जता दी। आरोप लगाया कि ऐसे डेलीगेट्स बना दिए गए हैं जिन्हें सदस्यता लिए ही एक-दो माह हुए हैं जबकि पार्टी संविधान के मुताबिक डेलीगेट्स की सक्रिय सदस्यता कम से कम एक वर्ष पूर्व की होनी चाहिए। चुनाव अधिकारी के सामने मामले का समाधान नहीं हुआ तो चुनाव तीन माह के लिए टाल दिए हैं।
वरिष्ठ नेताओं का पेनल कराएगा अध्यक्ष का चुनाव
अध्यक्ष पद पर विवाद के बाद तय किया गया कि उक्रांद के वरिष्ठ नेताओं का पेनल बनाया जाएगा जो तीन माह बाद चुनाव करवाएगा। वरिष्ठ नेता काशी सिंह ऐरी का नाम फिलहाल इसमें रखा गया है। बाकी नेताओं के नाम भी इसमें जल्द शामिल किए जाएंगे।
हंगामे का वीडियो बनाने पर पत्रकारों के साथ अभद्रता
महाधिवेशन में हंगामे के दौरान कार्यक्रम में मौजूद पत्रकारों ने वीडियो बनाया। इस पर कार्यकर्ता मीडिया कर्मियों पर भड़क गए और उनके साथ धक्का-मुक्की की। उनके मोबाइल व कैमरा छीनकर फोटो व वीडियो डिलीट कर दिया। मीडिया कर्मियों को धमकाकर वापस भेज दिया गया। रामनगर के मीडिया कर्मियों ने रोष जताते हुए पुलिस को तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।