सब्जियों के पॉली बैग फाड़ने को लेकर गुरुवार को थोक मंडी में हंगामा हुआ। किसानों ने मंडी गेट पर जाम लगाकर विरोध-प्रदर्शन किया। आढ़तियों के समर्थन में वहां प्रांतीय नगर उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारी भी पहुंच गए तथा मंडी प्रशासन से वार्ता कर इस कार्रवाई का विरोध किया। मंडी प्रशासन द्वारा दोबारा ऐसी कार्रवाई न किए जाने के आश्वासन पर कारोबारी शांत हुए। इधर, इस हंगामे के चलते मंडी में कारोबार काफी देर तक बंद रहा।
पालीथिन पर प्रतिबंध होने के बावजूद थोक मंडी में पॉलीथिन का उपयोग धड़ल्ले से हो रहा है। गुरुवार को मंडी प्रशासन ने पॉलीथिन को प्रतिबंधित की कार्रवाई की तो हंगामा हो गया। किसानों का आरोप है कि मंडी के कुछ कर्मचारियों ने डंडे में ब्लेड बांध रखा है। मंडी गेट पर सब्जी आदि लेकर पहुंचने वाले वाहन पर चढ़े और सब्जी भरे पॉली बैग को ब्लेड मार कर फाड़ दिया। तीन-चार दिनों से ऐसा चल रहा है, जिस पर गुरुवार सुबह किसानों ने मंडी गेट पर विरोध-प्रदर्शन कर जाम लगा दिया।
किसानों के साथ मंडी के आढ़ती चरन जीत सिंह बिंद्रा, गुलशन गांधी, अर्जुन जायसवाल के अलावा प्रांतीय नगर उद्योग व्यापार मंडल के केंद्रीय संयोजक डा. धर्मप्रकाश यादव, नगर अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, महामंत्री विरेंद्र गुप्ता, जिला उपाध्यक्ष मदन मोहन जोशी भी पहुंच गए। व्यापारियों ने मंडी सचिव से वार्ता कर दबाव बनाया कि पालीबैग को रोकने के लिए मंडी समिति द्वारा आगे कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। मंडी प्रशासन से यह आश्वासन मिलने पर ही मामला शांत हुआ।
इधर, मंडी सचिव वीके लोहुमी का कहना है कि हाईकोर्ट द्वारा पालीथिन पर प्रतिबंध लगाने पर उन्होंने थोक मंडी में इसका प्रयोग बंद करने का प्रयास किया था। उनका कहना है कि सही काम करने पर कुछ लोग विरोध कर रहे हैं, इससे काम तो बंद नहीं किया जा सकता।
मंडी का एसोसिएशन ने किया समर्थन
थोक मंडी की आलू-फल आढ़ती एसोसिएशन ने मंडी समिति की कार्रवाई को सही ठहराया। एसोसिएशन अध्यक्ष भूपाल सिंह का कहना है कि जब पालीथिन पर प्रतिबंध है, तो उसका उपयोग मंडी में भी रोका जाना चाहिए।