हल्द्वानी। सैनिकों को उच्च शिक्षा दिलाने के लिए उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय ने पहल की है। विवि ने बंगाल इंजीनियरिंग ग्रुप (बंगाल रेजिमेंट, रुड़की) के साथ एमओयू किया है। अब रुड़की स्थित बंगाल रेजिमेंट में केंद्र खोलकर पढ़ाई शुरू कराने की तैयारी है।
उत्तराखंड ओपन यूनिवर्सिटी 131 केंद्रों के जरिये उत्तराखंड में शिक्षा की अलख जगा रहा है। कुलाधिपति लेफ्टिनेंट जनरल (सेनि) गुरमीत सिंह की पहल के बाद सेना के रेजिमेंट मुख्यालयों में विशेष केंद्र खोलने की प्रक्रिया तेज हुई। इसी क्रम में यूनिवर्सिटी ने रुड़की की बंगाल रेजिमेंट के साथ एमओयू किया। यूओयू की तरफ से कुलपति प्रो. नवीन चंद्र लोहनी और रेजिमेंट के कमांडेंट ब्रिगेडियर केपी सिंह की मौजूदगी में कुलसचिव डॉ. खेमराज भट्ट व केंद्र के प्रशिक्षण अधीक्षक ने हस्ताक्षर किए।
वीर नारी को फीस में छूट
करार में यह प्रावधान रखा गया है कि यदि बलिदानी सैनिक की वीर नारी किसी पाठ्यक्रम में प्रवेश लेती हैं तो उन्हें फीस में विशेष छूट होगी। इससे सैनिकों के परिवार को भी उच्च शिक्षा से जोड़ा जा सकेगा। वीर नारी आत्मनिर्भर हो सकेंगी।
गढ़वाल राइफल्स और कुमाऊं रेजिमेंट से भी होगा करार
यूओयू का अब अगला कदम गढ़वाल राइफल्स और कुमाऊं रेजिमेंट से वार्ता कर एमओयू करने का है। यदि इन दोनों रेजिमेंट से करार हुआ तो यहां भी यूओयू अपना केंद्र खोलकर सैनिकों की आगे के पढ़ाई का रास्ता खोलेगा।
यह विशेष केंद्र सैन्य कर्मियों और अधिकारियों को उच्च शिक्षा की सुविधा उपलब्ध कराएगा। आधुनिक दौर में सेना द्वारा अर्जित किए गए ज्ञान का लाभ लेकर कौशल विकास से जुड़े पाठ्यक्रमों को विकसित करने की पहल भी करेगा।
- प्रो. गिरिजा पांडे, क्षेत्रीय सेवाओं के निदेशक
सेना के जवान और अधिकारी इस विशेष अध्ययन केंद्र से उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। स्नातक और परास्नातक स्तर के कई पाठ्यक्रम संचालित हैं। सैनिक और उनके परिवार के सदस्य भी प्रवेश ले सकते हैं। इसका संचालन अधीक्षक प्रशिक्षण कर्नल अभिषेक पोखरियाल और शिक्षा अधिकारी कर्नल मधुर करेंगे।
- प्रो. नवीन चंद्र लोहनी, कुलपति