विधानसभा कालाढूंगी का राजस्व गांव धापला विकास की मुख्यधारा से नहीं जुड़ पाया है। कालाढूंगी से सात किमी दूर स्थित इस राजस्व गांव में आज भी स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, बिजली, पानी जैसी मूलभूत समस्याओं का अभाव है। 56 हेक्टेयर क्षेत्रफल में फैले राजस्व गांव धापला की आबादी एक हजार के आसपास है। यहां अधिकांश बीपीएल कार्ड धारक हैं। ग्रामीणों का मुख्य व्यवसाय खेती के और मजदूरी है।
1972 में राजस्व ग्राम घोषित होने के बाद दीवानी राम पहले ग्राम प्रधान बने। शासन ने 1993 में इसे अंबेडकर गांव घोषित किया गया। मूलभूत समस्याओं के चलते इस गांव से 40 परिवार पलायन कर अन्यत्र बस गये हैं। सुविधाओं के नाम पर यहां कुछ भी नहीं है। गांव को कालाढूंगी शहर से जोड़ने वाली सड़क आज भी कच्ची है। एएनएम सेंटर के न होने के कारण गर्भवती महिलाओं व बच्चों को सरकारी सुविधाओं से वंचित रहना पड़ता हैं।