हल्द्वानी। गौलापार खेल विश्वविद्यालय के पहले शैक्षणिक सत्र की तैयारियों में जुटा विवि प्रशासन असमंजस में है। उसे समझ नहीं आ रहा है कि खेल विभाग के नियमित अभ्यास करने वाले 600 खिलाड़ियों को प्रशिक्षण कहां दिलाए। योजना के तहत दो डिग्री और आठ डिप्लोमा खेलों में विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ शाम को मैदान में खेल अभ्यास भी कराया जाएगा। ऐसे में ये खिलाड़ी जब प्रशिक्षण करेंगे तो खेल विभाग के खिलाड़ी कहां प्रेक्टिस करेंगे।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने शारीरिक दक्षता और खेल कौशल प्रशिक्षण के बाद 132 विद्यार्थियों की सूची तैयार कर कुलपति को भेज दी है, जिनके लिए आगामी सात सितंबर से सत्र शुरू हो जाएगा। इन बच्चों को सात सितंबर को सुबह 10 बजे विश्वविद्यालय पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद उनकी नियमित कक्षाएं और खेल प्रैक्टिकल शुरू होंगे। योजना के तहत दो डिग्री और आठ डिप्लोमा खेलों में विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ शाम को मैदान में खेल अभ्यास भी कराया जाएगा।
गौलापार स्टेडियम में खेल विभाग के लगभग एक दर्जन खेल शिविर संचालित हैं। इनमें तैराकी, ताइक्वांडो, क्रिकेट, फुटबॉल, एथलीट और शूटिंग जैसे खेल शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, खेलो इंडिया के तहत हॉकी और वॉलीबॉल के शिविर भी चलते हैं। इन शिविरों में करीब 600 खिलाड़ी अभ्यास करते हैं, जिनमें तैराकी के खिलाड़ियों की संख्या सबसे अधिक है।
खेल विश्वविद्यालय में सुबह 10 से दोपहर दो बजे तक कक्षाएं चलेंगी। शाम को खेल प्रैक्टिकल कराए जाएंगे। इससे नियमित खिलाड़ियों और विश्वविद्यालय के छात्रों के अभ्यास में परेशानी होगी। जल्द ही नई व्यवस्था की जाएगी।
-रशिका सिद्दीकी, विशेष कार्याधिकारी, खेल विवि