बिना यूनिक आईडी के अब एनजीओ को आर्थिक सहायता नहीं मिलेगी। केंद्र सरकार ने फर्जीवाड़ा रोकने नए आदेश जारी किए हैं। एनजीओ को अब नीति आयोग में अपना पंजीकरण कराना होगा। समाज कल्याण विभाग ने 21 एनजीओ का पंजीकरण न होने के कारण प्रस्ताव लौटा दिए हैं।
नशा मुक्ति केंद्र, वृद्धावस्था आश्रम, अनाथ आश्रम, विकलांग केंद्र, विकलांग स्कूल, ट्रेनिंग सेंटर, डे-केयर सेंटर आदि चलाने वाले एनजीओ को आर्थिक सहायता दी जाती है। एनजीओ ऑनलाइन आवेदन जिला समाज कल्याण अधिकारी को भेजते हैं।
जिला समाज कल्याण अधिकारी के स्तर से आवेदन समाज कल्याण निदेशालय आता है। निदेशालय से आवेदन जांचने के बाद राज्य सरकार को और राज्य सरकार आवेदन को केंद्र सरकार को भेजती है। समाज कल्याण निदेशक विष्णु सिंह धानिक ने बताया कि बिना यूनिक आईडी के अब एनजीओ को आर्थिक सहायता नहीं मिलेगी।
एनजीओ को नीति आयोग में अपना पंजीकरण कराना होगा। एनजीओ के संचालक एवं सचिव को अपना आधार कार्ड नंबर देना होगा। धानिक ने बताया कि चार एनजीओ के आवेदन राज्य सरकार को भेजे गए हैं, जबकि 21 एनजीओ के आवेदन यूनिक आईडी न होने के कारण निरस्त कर दिए गए।