प्रधान आयकर आयुक्त रणंजय सिंह ने कहा कि दस जनवरी के बाद इनकम टैक्स विभाग ब्लैक मनी वालों पर नकेल कसने की कार्रवाई शुरू करेगा। 10 जनवरी तक सभी बैंक खातों और उनमें जमा पूंजी की अपडेट विभाग को मिल जाएगी। समीक्षा के बाद निष्क्रिय एवं जनधन खातों में एकमुश्त मोटी धनराशि जमा कराने वालों को नोटिस जारी कर पूछताछ की जाएगी।
उन्होंने कहा कि ब्लैक मनी को व्हाइट कराने के लिए सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के रूप में एक आखिरी मौका दिया है। यह मौका 31 मार्च 2017 तक लागू रहेगा। प्रधान आयकर आयुक्त मंगलवार को एक कार्यशाला में बोल रहे थे। इसमें अधिवक्ताओं और चार्टर एकाउंटेंट के अलावा करदाता उपस्थित थे। प्रधान आयकर आयुक्त ने कहा कि नोटबंदी के बाद ब्लैक मनी वालों पर शिकंजा कसा गया है।
सरकार ने ब्लैक मनी वालों के लिए आखिरी विकल्प दिया है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना में अघोषित आय पर 50 फीसदी टैक्स और जुर्माना देकर उसे घोषित किया जा सकता है। इसका सर्कुलर भी मिल गया है। अघोषित आय का 50 फीसदी प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना में जाने के बाद 25 फीसदी देश के विकास में बैंकों में चार साल के लिए लॉक हो जाएगा।
25 फीसदी धनराशि को ग्राहक तत्काल आहरित कर सकते हैं। जो लोग अपने खातों में अघोषित आय जमा करवा चुके हैं उनके लिए भी यह विकल्प खुला है। ऐसे लोग बैंक में जाकर अघोषित आय को घोषित कर सकते हैं। प्रधान आयकर आयुक्त ने कहा कि सभी बैंकों के खातों में विभागीय नजर है।
विभाग खातों का अपडेट ले रहा है। खासकर मोटी धनराशि जमा करने वालों के अलावा लंबे समय से निष्क्रिय और जनधन के खातों में जमा होने वाली धनराशि की डिटेल जुटाई जा रही है। आयुक्त ने कहा कि 10 जनवरी तक सभी बैंकों की डिटेल मिल जाएगी। घोषित आय से अधिक जमा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की जाएगी। इस दौरान संयुक्त आयकर आयुक्त गगन सूद समेत विभागीय कई अधिकारी मौजूद थे।
10 हजार खातों की हो चुकी समीक्षा
आयकर विभाग ने हल्द्वानी सर्किल में करीब 10 हजार खातों की समीक्षा कर दी है। किसी भी खाते में ब्लैक मनी जमा होने की पुष्टि नहीं हुई है। अधिकांश खातों में लिमिट की धनराशि जमा हुई है।
आय घोषित कराने पांच धन कुबेर पहुंचे
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना में अघोषित आय को घोषित कराने के लिए सर्किल के पांच धन कुबेरों ने इनकम टैक्स विभाग में संपर्क किया है। पांचों धन कुबेर औपचारिकता पूरी करने के फार्म ले गए हैं। विभाग ऐसे लोगों से कोई पूछताछ नहीं करेगा।
कुमाऊं में 1.61 लाख करदाता
कुमाऊं की तुलना में गढ़वाल में ज्यादा लोग टैक्स देते हैं। कुमाऊं में करदाताओं की संख्या एक लाख 61 हजार है। जबकि गढ़वाल में दो लाख 25 हजार लोग इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करते हैं। नोटबंदी के बाद करीब 40 फीसदी रिटर्न बढ़ने की उम्मीद है।
स्टाफ की कमी से जूझ रहा विभाग
इनकम टैक्स विभाग में कुमाऊं में अफसरों की कमी है। कुमाऊं में मात्र आठ अफसर और 40 कर्मचारी हैं। मैनपावर की कमी होने से कार्रवाई प्रभावित हो रही है।