नैनीताल। दिल्ली में रक्षा मंत्रालय के उच्चाधिकारियों की बैठक में छावनी परिषद को जल्द नगर निगम और नगर पालिका को सौंप दिए जाने की चर्चाओं के बाद कैंट में 10 से 15 साल से सेवाएं दे रहे से संंविदा, जैम पोर्टल और आउटसोर्स के माध्यम से सेवाएं दे रहे लोगों में भविष्य को लेकर चिंता सता रही है।
बता दें कि हाल ही में दिल्ली में हुई बैठक में छावनी परिषद के सीईओ वरुण कुमार के माध्यम से छावनी परिषद के हस्तांतरण की जानकारी दी गई थी। कहा कि निगम और पालिका छावनी के लोगों को पानी, बिजली और सफाई आदि मूलभूत सुविधाएं देंगी लेकिन हस्तांतरित जमीन का स्वामित्व केंद्र सरकार के पास ही रहेगा।
इधर नगर के छावनी परिषद में 80 कर्मचारी नियमित नहीं हैं। इनमें से लगभग 18 जैम पोर्टल, 10 आउट सोर्स और अन्य निजी स्तर पर रखे गए हैं। इनमें से कुछ को 15 वर्ष से अधिक हो गए हैं जबकि कुछ 10 वर्ष की सेवा वाले भी हैं। वर्षों से परिषद के साथ कार्य कर रहे कर्मचारी अन्य कार्य करने में असहज महसूस कर रहे हैं। परिषद के सीनियर कंसलटेंट कुंवर सिंह कबडोला का कहना है कि यहां कार्यरत कार्मिकों की सेवा को देखते हुए उनके भविष्य की सुरक्षा को ध्यान में रखकर उच्चाधिकारियों से निर्णय लेने का आग्रह किया जाएगा।