बेलुवाखान क्षेत्र में शराब विरोधी आंदोलन तेज हो गया है। कई दिनों तक धरना, प्रदर्शन के बाद दो महिलाओं ने मंगलवार से आमरण अनशन शुरू कर दिया। बेलुवाखान में चोरीछिपे शराब लेकर जा रहे एक व्यक्ति को आंदोलनकारियों ने घेर लिया और उसके पास मिली शराब की सभी बोतलें तोड़ दीं। कहा कि शराबबंदी लागू होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
शराबबंदी की मांग को लेकर क्षेत्र की महिलाएं काफी समय से आंदोलित हैं। लगातार आंदोलन के बावजूद सुनवाई न होने से महिलाओं में गुस्सा है। इस कारण मंगलवार को सुबह दस बजे से कमला चौहान, सविता ने आमरण अनशन शुरू कर दिया। उनके समर्थन में तमाम महिलाएं भी धरना, प्रदर्शन में शामिल हुईं।
इस कारण आबकारी विभाग ने बेलुवाखान से शराब की दुकानों को पुन: आमपड़ाव में शिफ्ट करने की कोशिश तो चोपड़ा के ग्रामीणों में फिर उबाल आ गया। ग्रामीणों ने बैठक कर दुकानों को न खुलने देने का एलान किया। दुकानों के विरुद्ध संघर्ष का भी संकल्प लिया।
बेलुवाखान के ग्राम प्रधान हिमांशु पांडे, उपप्रधान मनोज चनियाल के साथ ग्रामीणों ने मंगलवार को डीएम, एसएसपी को दोबारा ज्ञापन सौंपा। इसमें इलाके से शराब की दुकानों को निरस्त करवाने की मांग की। आसपास के इलाकों से भी व्यापक जनसमर्थन मिलने से आंदोलनकारियों का उत्साह बढ़ता जा रहा है। अनशन स्थल पर पहुंची हेमलता चौहान, लता साह, भावना खाती, मनीषा नेगी, सावित्री देवी, आशा देवी आदि ने भी धरना दिया।