ट्यूबवेल की मोटर फुंकने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। लाखन मंडी बेलवाल फार्म में ट्यूबवेल की मोटर फुंकने से दो हजार लोग बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं। अप्रैल और मई में राजपुरा, इंदिरानगर समेत कई स्थानों पर ट्यूबवेल की मोटरें दो-दो बार फुंक चुकी हैं।
जल संस्थान के तमाम दावों के बावजूद ट्यूबवेल की मोटरें फुंक रही है। पिछले वर्ष तक जल संस्थान ट्यूबवेल में स्टेबलाइजर न होने के कारण मोटर फुंकने की बात कहता रहा। अधिकांश ट्यूबवेलों में स्टेबलाइजर लग चुके हैं मगर ट्यूबवेल की मोटर फुंकने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है।
लाखन मंडी बेलवाल फार्म में तीन दिन पूर्व ट्यूबवेल की मोटर फुंक गई थी। लगभग दो हजार लोग बूंद-बूंद पानी के लिए गर्मी में तरस रहे हैं। जल संस्थान के अधिकारियों का दावा है कि पानी वितरण की जिम्मेदारी ग्राम सभा की है। प्रभावित क्षेत्र में टैंकरों से आपूर्ति कराई जा रही है। सहायक अभियंता आरपी डोबवाल ने बताया कि ट्यूबवेल की मरम्मत का काम शुरू हो गया है। ट्यूबवेल ठीक होने में लगभग दस दिन का समय लगेगा। दूसरी ओर कई क्षेत्रों में पानी की पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो रही है मगर जल संस्थान के अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है।