कालाढूंगी। कालाढूंगी स्थित वन निगम के डिपो में 18 दिन के भीतर चोरी की दो घटनाएं सामने आने से विभागीय सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। दोनों घटनाओं में सरकारी दरों के अनुसार करीब 10 लाख रुपये की लकड़ी चोरी होने का अनुमान है। विभागीय अधिकारियों ने दोनों मामलों में कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है लेकिन अब तक चोरी की घटनाओं का खुलासा नहीं हो सका है।
बीते 29 सितंबर को निगम के डिपो नंबर एक से चोर 46 नग शागौन की लकड़ी चोरी कर ले गए थे। इस घटना का खुलासा भी नहीं हुआ था कि 16 अक्तूबर को चोरों ने डिपो नंबर दो को निशाना बना लिया। यहां से करीब पांच लाख रुपये मूल्य की बेशकीमती खैर की लकड़ी चोरी होने की बात सामने आई है। लगातार हुई इन घटनाओं ने विभाग की सुरक्षा व्यवस्था और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
तीन चौकीदारों की तैनाती, फिर भी चोरी
वन निगम डिपो की सुरक्षा के लिए तीन रात्रि चौकीदारों की तैनाती की गई है। इसके बावजूद चोर कथित तौर पर डिपो परिसर के भीतर घुसकर लकड़ी चोरी करने में सफल रहे और चौकीदारों को इसकी भनक तक नहीं लगी। ऐसे में रात के समय डिपो की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
कोतवाली से महज 200 मीटर दूर वारदात
बताया जा रहा है कि चोरों ने जिस रास्ते का इस्तेमाल किया वहां से कोतवाली की दूरी महज 200 मीटर है। कोतवाली में पुलिसकर्मियों की तैनाती के बावजूद चोरों ने वारदात को अंजाम दिया। लगातार हुई इन चोरियों से वन निगम की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने के साथ ही कर्मचारियों की भूमिका पर भी संदेह पैदा हो रहा है।
चोरी की रिपोर्ट कोतवाली में दर्ज कर दी गई है। यदि किसी कर्मचारी की संलिप्तता सामने आती है तो उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। -मुदित आर्य प्रभागीय विपणन प्रबंधक रामनगर