वेबिल (मार्ग पत्र) में घोटाले के मामले में दोषी पाए गए दो परिचालकों को निलंबित कर दिया गया है। चार्जशीट देने के साथ ही दोनों से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।
लगभग 20 दिन पहले एक वेबिल में गड़बड़ी मिली थी, इस पर वेबिलों की जांच की गई। दो साल के वेबिल निकलवाकर जांच कराई जा रही है। सूत्रों के अनुसार लखनऊ रूट की हाइटेक बसों में यह खेल हुआ है। इधर, एआरएम काठगोदाम पवन मेहरा ने बताया कि लेखाकार मनोज दुर्गापाल, वरिष्ठ लिपिक वीरपाल और यातायात अधीक्षक कर्नाटक को जांच सौंपी गई थी।
उन्होंने बताया कि शुक्रवार को आई जांच रिपोर्ट में सत्यप्रकाश और सुभाष मिश्रा दोषी पाए गए हैं। दोनों परिचालकों को निलंबित कर दिया गया है। मेहरा ने बताया कि वेबिल पर ओवर राइटिंग मिली है। एक वेबिल पर पांच हजार की रकम का गबन करने का अंदेशा है। कुल छह वेबिल में हेराफेरी का मामला सामने आया था। अभी दो-तीन नामों का और खुलासा हो सकता है।
निलंबित परिचालकों को चार्जशीट देने के साथ ही स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। स्पष्टीकरण मिलने और उच्चाधिकारियों के निर्देश पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। -पवन मेहरा, एआरएम काठगोदाम डिपो