हल्द्वानी। कुमाऊं में वन रक्षकों की कमी कुछ हद तक दूर होगी। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने वन रक्षकों की भर्ती के लिए परीक्षा कराई थी। अब अभ्यर्थियों ने ज्वाइन करना शुरू कर दिया है। सबसे ज्यादा ज्वाइनिंग (32) पिथौरागढ़ जिले में हुई है। वन विभाग में वन रक्षकों के करीब 2300 पद रिक्त हैं। ऐसे में 1218 पदों पर वन रक्षकों के भर्ती का अधियाचन भेजा गया था।
इसमें 999 की पहली लिस्ट जारी हुई। इसके बाद सफल अभ्यर्थियों ने ज्वाइन करना शुरू कर दिया है। मुख्य वन संरक्षक कुमाऊं डॉ. तेजस्विनी पाटिल ने बताया कि कुमाऊं के विभिन्न डिविजनों में करीब 371 वन रक्षक मिलने हैं, इसमें दो सौ ने ज्वाइन भी कर लिया है। इन वन रक्षकों को पहले प्रभागीय स्तर पर ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके बाद क्रम से एफटीआई आदि के माध्यम से प्रशिक्षण दिलाया जाएगा।
मुख्य वन संरक्षक मानव संसाधन विकास एवं कार्मिक मनोज चंद्रन ने बताया कि प्रभागों में करीब 40 प्रतिशत वन रक्षकों की कमी दूर होगी। अभी तक प्रदेश में करीब चार सौ लोगों ने ज्वाइन कर लिया है। 15 दिसंबर ज्वाइन करने की अंतिम तिथि रखी गई है। उन्होंने बताया कि कॉर्बेट पार्क, राजाजी नेशनल पार्क आदि जगहों पर तुलनात्मक तौर पर ज्यादा वन रक्षकों को दिया गया है। 894 पदों का अधियाचन जाने समेत अन्य प्रक्रिया हो चुकी है। इन पदों पर भर्ती प्रक्रिया पूरी होने से कमी दूर हो जाएगी।