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दो पुल बहे, कई सड़कें और पेयजल योजनाएं ध्वस्त

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बदहाल कपकोट-बागेश्वर मोटर मार्ग। - फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर/कपकोट/गरुड़। जिलेभर में सोमवार रात से मंगलवार दोपहर तक मूसलाधार बारिश हुई। इस कारण कई जगह भूस्खलन हुआ और 18 से अधिक सड़कें कई जगहों पर बंद हो गईं। इसके अलावा दो पुल टूट गए। कई सड़कें और खेत मलबे से पट गए हैं। क्षेत्र के कई घरों में भी मलबा भर गया है।
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लगातार हो रही बारिश ने लोगों के सामने दिक्कतें पैदा कर दी हैं। बारिश से उडियार में खिरखेत और ओलियाबांज के पुल टूट गए। वहां कई किमी सड़क भी बह गई है। वहीं अत्यधिक बारिश से धार, सिरखेत, उडियार गांव, स्कूल की पेयजल योजनाएं ध्वस्त हो गईं। सिरखेत में मनरेगा से बने चेक वाल भी क्षतिग्रस्त हो गया हे।
ओलियाबांज की सुरक्षा दीवार, तल्ला उल्खेत, धारपुल से उडियार गांव की लघु सिंचाई नहर टूटी है। कन्यालीकोट, केकलासेरा में मलबे से दबकर गुलाब सिंह पुत्र माधो सिंह की दो बकरी मर गईं, जबकि दो मवेशी घायल हैं। वहां मौका मुआयना करने गए पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण नदी में गिरने के कारण चोटिल हो गए। कपकोट के तहसीलदार विनोद प्रकाश वर्मा ने राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ मौका, मुआयना किया।
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आशियाना टूटकर बिखर गया
बागेश्वर/गरुड़। मूसलाधार बारिश से ग्राम गुलेर निवासी प्रताप सिंह पुत्र डिकर सिंह का दोमंजिला मकान टूट गया। अतिवृष्टि के कारण देवलचोरा के कुछ मकानों में मलबा घुस गया। देवलचौरा में गणेश सिंह रावत पुत्र धर्म सिंह रावत और ग्रामपंचायत गैरखेत के प्रताप सिंह पुत्र विशन सिह की गोशाला क्षतिग्रस्त हो गई। उधर गरुड़ में हंसी देवी पत्नी गोपाल गिरी निवासी डंगोली और मोहन सिंह पुत्र रतन सिंह निवासी ग्राम रिठाड़ के मकान को क्षति पहुंची है। पटवारी प्रकाश सिंह ने घटना स्थल का निरीक्षण कर रिपोर्ट तहसीलदार को सौंप दी है।
ग्राम देवलचौरा निवासी नंदन सिंह पुत्र चंदन सिंह के घर और अनर्सा निवासी कल्याण सिंह पुत्र श्याम सिंह की दुकान में मलबा घुस गया। वहीं ग्राम अनर्सा निवासी प्रेम सिंह, राम सिंह, दीवान सिंह, प्रताप सिंह, गोपाल सिंह के घरों में मलबा, पानी घुसने से सामान खराब हो गया। नगरपंचायत कपकोट के वार्ड पांच में बारिश से काफी नुकसान हुआ। नगरपंचायत अध्यक्ष गोविंद बिष्ट ने राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ मौका मुआयना कर क्षति का जायजा लिया
अल्मोड़ा-बागेश्वर की कई सड़कें बंद
बागेश्वर जिले में बागेश्वर-कपकोट मोटर मार्ग, कांडा -सानी उडियार-रावतसेरा मार्ग, बालीघाट-दोफाड़-धरमघर सड़क,कपकोट-कर्मी मार्ग, गनगांव- तोलीगांव मोटर मार्ग, धरमघर-माजखेत मार्ग, पोथिंग मार्ग, कपकोट-लिली रोड, रिखाड़ी-वाछम मार्ग, कपकोट-कर्मी-तोली मार्ग, बशर रोड, शामानाकुरी सड़क, भराडी-सौंग मोटर मार्ग, कपकोट-कर्मी, भानी-हरसिंग्या बगड़, गागरीगोल-चनोली-नरग्वाड़ी मोटर मार्ग और चरणकांड-पसिया मार्ग मलबा आने से बंद है। अतिरिक्त जेसीबी भेजकर सड़कों को साफ किया जा रहा है। इधर अल्मोड़ा जिले में द्वाराहाट का बाड़ीकोटी-खुलड़ी मोटर मार्ग बंद है। जाल-लखनाड़ी और पपरसली-बल्टा मोटर मार्ग सुबह कुछ देर बंद हुए थे जिन्हें बाद में खोल दिया गया।
डीएम ने अधिकारियों को दिए बंद सड़कें खोलने के निर्देश
बागेश्वर। डीएम रंजना राजगुरु ने आपदा प्रबंधन कार्यालय में मंगलवार को जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इसमें सभी एसडीएम, तहसीलदारों, थाना, चौकियों के अधिकारियों को सतर्क किया गया। इस दौरान उन्होंने बंद सड़कों को शीघ्र खोलने के निर्देश दिए। आपदा प्रबंधन अधिकारी शिखा सुयाल ने उन्हें बताया कि 18 सड़कों पर यातायात बंद है। मौके पर जेसीबी भेजी गई है। बैठक में एसपी प्रीति प्रियदर्शिनी, सीडीओ एसएसएस पांगती, एडीएम राहुल कुमार गोयल, डीडीए केएन तिवारी, एसई लोनिवि पीएस बृजवाल, जिला पूर्ति अधिकारी अरुण कुमार वर्मा, एसीएमओ डॉ. बीके सक्सेना, ईई पीएमजीएसवाई राजेंद्र प्रसाद आदि थे।
सरयू किनारे बसे गांवों कोे खतरा
रातभर बरसते रहे मेघ, स्याल्दे में तीन स्कूलों की टपकने लगी छत
अल्मोड़ा। सोमवार रात से रिमझिम बारिश मंगलवार सुबह तक जारी रही। वहीं दिन के समय बादल छाए रहे। पिछले 24 घंटे में अल्मोड़ा में 7.8 एमएम बारिश हो चुकी है। बारिश के कारण जिले में बंद हुए चार ग्रामीण मोटर मार्ग में से दो मार्गों को खोल दिया गया है। बारिश के कारण स्याल्दे में तीन स्कूलों के छत टपकने की शिकायत मिली है। भैंसियाछाना विकासखंड के सेराघाट में सरयू नदी का जल स्तर बढ़ने से नदी किनारे बसे गांवों में खतरा मंडराने लगा है। आपदा कंट्रोल रूम में स्याल्दे में प्राथमिक विद्यालय भाबर-मुनानी, सिरमौली और घुघुती की छत टपकने की सूचना दर्ज हुई है। भैंसियाछाना ब्लॉक के सेराघाट क्षेत्र में पिछले दो दिनों से हो रही बारिश से सरयू नदी और जैगन नदी का जल स्तर बढ़ने लगा है। इससे नदी किनारे बसे गांव नाली आदि के ग्रामीणों के माथे पर चिंता की लकीरें पड़ने लगी हैं। जैगन नदी का जल स्तर बढ़ने से सेराघाट-नैनी मोटर मार्ग भी बंद हो गया है। मालूम हो जैगन नदी में अब तक पुल नहीं बना है और आर-पार जाने वाले वाहन नदी से होकर गुजरते हैं जिससे लोगों को आवाजाही में कठिनाई शुरू हो गई है।
कहा कितनी बारिश
अल्मोड़ा में 7.8
द्वाराहाट में 17
चौखुटिया 22
सोमेश्वर 01
भिकियासैंण 10
सल्ट 04
मासी - 5.5
जागेश्वर - 11.5
जैंती - 12
कपकोट - 45
गोमती और गरुड़ गंगा उफान पर
गरुड़ (बागेश्वर)। तेेज बारिश होने से गरुड़ गंगा और गोमती नदी सोमवार के रात से उफान पर है। लोगों ने बताया कि प्रांतीय खंड लोनिवि द्वारा टीट बाजार, गागरीगोल, बैजनाथ की बंद नालियों की सफाई नहीं करने से कई दुकानों में बारिश का पानी भर गया। एसडीएम जयवर्धन शर्मा ने क्षेत्र के सभी पटवारियों से मुख्यालय पर बने रहने के निर्देश दिए है। उन्होंने ग्रामीणों से आपदा से हुई क्षति की सूचना तहसील मुख्यालय में बने आपदा कंट्रोल रूम में तत्काल देने को कहा है। इससे सरयू नदी का जलस्तर 1032 मीटर पहुंच गया जबकि चेतावनी का स्तर 1033 मीटर और खतरे का स्तर 1034 मीटर है।
शामा के कई गांवों में रातभर गुल रही बिजली, परेशान रहे लोग
कपकोट/बागेश्वर। शामा क्षेत्र के रीमा, स्यांकोट, बनलेख, विजयपुर क्षेत्र में भारी बारिश से कई पेड़ उखड़ गए। इसकी चपेट में आकर बिजली लाइन टूट गई। इस कारण दोफाड़ से रीमा, किड़ई, पचार, सनगाड़, उडियार, बनलेख, धरमघर, पठक्यूड़ा, जलमानी, गौंखुरी, सिमगढ़ी क्षेत्र के कई गांवों में रातभर बिजली गुल रही। मंगलवार को दिनभर कई बिजलीकर्मी लाइन सुधारने में जुटे रहे। ईई भास्कर पांडे ने बताया कि करीब 20 घंटे बाद शाम 4:30 बजे बिजली आपूर्ति बहाल हुई। ब्यूरो
सौंग में आठ को प्रस्तावित बहुउद्देश्यीय शिविर स्थगित
कपकोट/बागेश्वर। जिला प्रशासन की ओर से कपकोट के जीआईसी सौंग में आठ अगस्त को प्रस्तावित बहुउद्देश्यीय शिविर स्थगित कर दिया गया है। वहीं नगर पंचायत कपकोट के ईओ राजदेव जायसी ने बताया कि बोर्ड की बैठक आठ अगस्त को सुबह 10 बजे से नगर पंचायत सभागार में होगी। ब्यूरो
आपदा के मानकों में बदलाव जरूरी: फर्स्वाण
गरुड़(बागेश्वर)। कपकोट के पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण ने सीएम को पत्र भेजकर आपदा की दृष्टि से अति संवेदनशील कपकोट विधान सभा क्षेत्र के सभी सरकारी अस्पतालों में आवश्यक जीवन रक्षक दवाओं की आपूर्ति करने और अतिरिक्त डाक्टरों की तैनाती करने की मांग की है। बताया कि सोमवार की रात और मंगलवार की रात हुई मूसलाधार बारिश से विधान सभी क्षेत्र के अधिकांश गांवों में जगह- जगह भूस्खलन होने से संपर्क मार्ग को क्षति पहुंची है। बारिश से कई आवासीय घरों में दरारें आयी है। उन्होंने सीएम से आपदा के मानकों में बदलाव लाने को कहा है। ताकि प्रभावित परिवार को आपदा मद से भवन के पुनर्निर्माण के लिए मुआवजा मिल सके।

डंगोली में टूटा मकान।- फोटो : GARUD

बागेश्वर के कपकोट क्षेत्र में सड़क से मलबा हटाती जेसीबी।- फोटो : BAGESHWAR

बारिश से गैरखेत में क्षतिग्रस्त गौशाला।- फोटो : BAGESHWAR

बारिश के बाद बागेश्वर में उफनाई सरयू नदी।- फोटो : BAGESHWAR

बागेश्वर के झटक्वाली में मलबे में फंसा वाहन।- फोटो : BAGESHWAR

बागेश्वर के झटक्वाली में सड़क में मलबा आने से फंसी कार।- फोटो : BAGESHWAR

बागेश्वर में झटक्वाली के पास सड़क पर जमा मलबे में फंसे वाहन।- फोटो : BAGESHWAR

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