शहर को पर्याप्त पेयजल आपूर्ति करने का दावा करने वाले जल संस्थान के परिसर का ही ट्यूबवेल चार दिन से फुंका हुआ है, जिससे उन्हें खुद ही पानी नहीं मिल पा रहा है। फुंके ट्यूबवेल को ठीक करने में जल संस्थान के कर्मचारी जुटे हुए हैं। ऐसे में खुद के पेयजल संकट को दूर में जल संस्थान असमर्थ हो रहा है तो शहर वालों को ये क्या पानी पिलाएगा। इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। वहीं, रामपुर रोड पर टेस्टिंग के दौरान ही ट्यूबवेल की मोटर दोबारा फुंक गई, जबकि तीन दिन से इंदिरानगर का ट्यूबवेल खराब है। इन ट्यूबवेलों को ठीक होने में अभी कम से कम 15 दिन लगेंगे।
इंदिरानगर के ट्यूबवेल की मोटर फुंकने से इंदिरानगर, रामपुर रोड के ट्यूबवेल की मोटर फुंकने से मानपुर पूरब, मानपुर उत्तर, प्रेमपुर लोसज्ञानी और जल संस्थान के ट्यूबवेल की मोटर फुंकने से सुभाषनगर, मुख्य बाजार, बद्रीपुरा समेत तमाम इलाकों की दस हजार की आबादी को पानी की किल्लत से जूझना पड़ रहा है। दमुवाढूंगा के शिवपुरी में लाइन में प्रेशर नहीं होने से क्षेत्रवासियों को दो-दो मील दूर पैदल जाकर पेयजल की आपूर्ति करनी पड़ रही है। क्षेत्रवासियों ने जल्द से जल्द पेयजल किल्लत दूर करने और ट्यूबवेलों की मरम्मत करने की मांग की है।
ट्यूबवेलों की मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया है। पाइपों को निकालने का काम चल रहा है। ट्यूबवेल ठीक होने में करीब 15 दिन का समय लगता है। प्रभावित इलाकों में टैंकरों से पानी बांटा जा रहा है।
- आरपी डोबवाल, सहायक अभियंता, जल संस्थान।