हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल (एसटीएच) में डाक्टरों की लापरवाही से हो रही मरीजों की मौत का मामला भी हाईकोर्ट पहुंचा है। दोषी डाक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर जनहित याचिका दायर की गई। कोर्ट ने इस मामले में महाधिवक्ता को स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश देते हुए अगली सुनवाई के लिए 14 मई की तिथि तय की है।
मुख्य न्यायाधीश केएम जोसेफ एवं न्यायमूर्ति वीके बिष्ट की संयुक्त खंडपीठ के समक्ष बृहस्पतिवार को मामले की सुनवाई हुई। नैनीताल निवासी चंद्रशेखर जोशी ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा कि हल्द्वानी का एसटीएच कुमाऊं का प्रमुख अस्पताल है। लगभग 650 बेड के इस अस्पताल में हजारों मरीज प्रतिदिन इलाज के लिए आते हैं। कहा कि अस्पताल में अराजकता का माहौल है तथा डाक्टर ड्यूटी पर उपलब्ध नहीं होते हैं।
डाक्टरों की लापरवाही के कारण कई मरीजों की मौत हो रही है, फिर भी लापरवाह डाक्टरों एवं अस्पताल कर्मियों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। याचिकाकर्ता ने कहा कि सरकार की ओर से कई मशीन अस्पताल में लगाई गई हैं, इसके बावजूद मरीजों को जांच के लिए बाहर भेजा जाता है। साथ ही मरीजों से दवाइयां भी बाहर से मंगाई जाती हैं। जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने सरकार को स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं।