हल्द्वानी। आंधी के कारण गौलापार खेड़ा में सेमल का पेड़ मजदूरों की झोपड़ी पर गिर पड़ा। हादसे में एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि महिला समेत दो लोग घायल हो गए। घायलों का बेस अस्पताल में उपचार कराया गया।
अलीगढ़ (यूपी) जिले के राधो गांव निवासी मजदूर रजनेश कुमार (18) पुत्र रामवीर अपने दो भाइयों नंद किशोर और निराला के साथ गौला नदी के किनारे खेड़ा ग्राम सभा में झोपड़ी डालकर रहता था। तीनों भाई खनन के काम के सिलसिले में यहां आए थे। रविवार शाम तेज आंधी और पानी से रजनीश और मोहन सिंह की झोपड़ी पर सेमल का पेड़ गिर पड़ा।
हादसे में रजनीश, मोहन सिंह और उसकी पत्नी नीलम घायल हो गईं। काठगोदाम पुलिस तीनों को बेस अस्पताल लाई, जहां डॉक्टरों ने रजनीश को मृत घोषित कर दिया। मोहन भी राधो गांव का बताया जा रहा है। रजनीश पांच भाइयों में चौथे नंबर पर था। उधर, डीएलम गौला जेपी भट्ट का कहना है कि रजनीश गौला का श्रमिक नहीं है, क्योंकि उसका रजिस्ट्रेशन नहीं है।
सरकार भेज देती तो मजदूर नहीं होता हादसे का शिकार
हल्द्वानी। पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य अर्जुन बिष्ट ने कहा कि मजदूर लॉकडाउन से करीब 15 दिन पहले गौला खनन में मजदूरी करने के लिए आए थे। लॉकडाउन के बाद से वे घर जाने की मांग कर रहे हैं लेकिन सरकार ने कोई व्यवस्था नहीं की। यदि मजदूर घर भेज दिए जाते तो ऐसा दिन देखने को नहीं मिलता। मजदूर राशन के लिए भटक रहे हैं।