नैनीताल/भीमताल। वित्तीय वर्ष के आखिरी दिन जिलाधिकारी दीपक रावत ने कोषागार का वार्षिक निरीक्षण कर मुख्य कोषाधिकारी को देर रात तक दफ्तर खोलकर समस्त बिलों का भुगतान कराने के निर्देश दिए। इधर विभिन्न विभागों के बिलों के भुगतान के लिए गुरुवार की देर रात तक कोषागार खुला रहा और वहां कार्यरत कर्मचारी आन लाइन बिलों के भुगतान में जुटे रहे। देर रात तक विभिन्न विभागों के खातों में करोड़ों रुपये के बिलों का भुगतान किया गया जिसके चलते कोषागार में चहल पहल बनी रही।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने जिलाधिकारी रावत ने कोषागार में डबल लॉक में रखे स्टांप का पंजिकाओं के साथ मिलान किया। उन्होंने मुख्य कोषाधिकारी को निर्देश दिए कि वह वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन देर रात तक कोषागार खोलकर सभी बिलों का भुगतान कराना सुनिश्चित करें और साथ ही अवशेष धनराशि को समय से समर्पित कराना सुनिश्चित करें। निरीक्षण दौरान अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व बीएल फिरमाल, मुख्य कोषाधिकारी नरेंद्र सिंह, सहायक कोषाधिकारी रोकड़ भूपेंद्र सिंह बिष्ट, कोषाधिकारी मामूर जहां आदि उपस्थित थे।
इधर, कलक्ट्रेट स्थित मुख्य कोषाधिकारी कार्यालय में जिला स्तरीय अधिकारियों का सुबह से ही जमावड़ा लगा रहा। विभागीय अधिकारियों ने विकास कार्यों के लिए खातों में जमा धनराशि के बिल कोषागार में जमा कराए। मुख्य कोषाधिकारी नरेंद्र सिंह ने बताया कि सभी विभागों के अधिकारियों द्वारा बिल जमा कराने के बाद संबंधित धनराशि के चेक उन्हें उपलब्ध कराए जा रहे हैं ताकि वह उन्हें आज ही बैंक में जमा करा दें।
उन्होंने बताया कि अभी यह नहीं बताया जा सकता है कि किस विभाग की धनराशि लैप्स हुई है। भीमताल स्थित विकास भवन के विभिन्न दफ्तरों में अधिकारी और कर्मचारी वित्तीय वर्ष के आखिरी दिन बिल बनाने में जुटे रहे। दोपहर बाद अधिकारी और लिपिक वर्गीय कर्मचारी अपने अपने बिलों को लेकर कोषागार को रवाना हो गए।