पुलिस वा सीपीयू द्वारा उत्पीड़न किए जाने को लेकर बैठक करते ट्रांसपोर्टर। विज्ञप्ति
हल्द्वानी। कुमाऊं ट्रांसपोर्ट यूनियन संयुक्त मोर्चा और देवभूमि उद्योग व्यापार मंडल की बैठक में सामान ढोने वाले वाहनों का किराया बढ़ाने का प्रस्ताव पारित किया गया। ट्रांसपोर्टरों और चालकों ने पुलिस पर भी उत्पीड़न का आरोप लगाया। बैठक में सरकार से सार्वजनिक परिवहन की तरह गुड्स सामान परिवहन के भी रेट सार्वजनिक करने की अपील की गई।
बैठक में हल्द्वानी ट्रांसपोर्ट यूनियन के अध्यक्ष राजकुमार सिंह नेगी ने सामान ढोने वाले वाहनों का किराया बढ़ाने का प्रस्ताव पारित किया। देवभूमि उद्योग व्यापार मंडल के कुमाऊं मंडल प्रवक्ता ललित रौतेला ने बताया कि ट्रांसपोर्टरों के माल भाड़े की सूची जारी की गई है। सूची का किराया 10 मई 2022 से लागू की जाएगी। किराए में पांच प्रतिशत जीएसटी अलग से लिया जाएगा। कुमाऊं मंडल प्रवक्ता हरजीत सिंह चड्ढा ने कहा कि ट्रांसपोर्टरों को पुलिस चालान के नाम पर उत्पीड़ित कर रही है। जल्द ही ट्रांसपोर्टरों का शिष्टमंडल पुलिस उपमहानिरीक्षक से मिलेगा। बैठक में राजेंद्र बर्गली, नीरज सिंह हरतोला, सतपाल सिंह, रवि कनौजिया, राजकुमार सिंह, नवीन मेलकानी, नंदन सिंह, कमल किशोर आदि थे।
स्थल का नाम पुराना किराया नई दरें (जीएसटी छोड़कर)
नैनीताल 70 रुपये 77 रुपये
अल्मोड़ा 90 100
रानीखेत 90 100
बागेश्वर 120 140
पिथौरागढ़ 160 180
बेरीनाग 150 170
थल 170 190
धारचूला 230 260
मुनस्यारी 250 280
इनसेट
व्यापारियों को भरोसे में लिए बगैर भाड़ा बढ़ाना बेकार
हल्द्वानी। जहां एक तरफ ट्रांसपोर्ट यूनियन संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारियों ने अन्य व्यापारी और संगठन पदाधिकारियों के साथ मिलकर महंगाई के चलते किराए में वृद्धि की है। वहीं ट्रांसपोर्ट नगर व्यापारी एसोसिएशन के महामंत्री प्रदीप सबरवाल का कहना है कि भाड़े में बढ़ोतरी का तब तक कोई औचित्य नहीं है जब तक व्यापारियों को भरोसे में न लिया जाए। इसका कारण है बाजार में होने वाली होड़ और मंदी। उनका कहना है कि मंदी की वजह से अगर कोई ट्रांस्पोर्टर बढ़े किराए पर गाड़ी भेजने की बात करता भी है तो व्यापारी के सामने कम दाम में अन्य विकल्प भी मौजूद हैं। इसके चलते बिना व्यापारियों के भरोसे के किराया बढ़ोतरी संभव नहीं है।