नैनीताल। हाईकोर्ट ने राज्य के जिला मुख्यालयों की बस सेवा से जोड़ने के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद उत्तराखंड परिवहन निगम को तीन सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। शनिवार को न्यायमूर्ति वीके बिष्ट एवं न्यायमूर्ति आलोक सिंह की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।
चमोली निवासी विरेंद्र सिंह रावत ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि उत्तराखंड राज्य बनने के 16 साल बाद भी राज्य के जिला मुख्यालयों को जोड़ने के लिए परिवहन निगम की बस सेवा उपलब्ध नहीं है। इससे यात्रियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
उत्तरकाशी से नैनीताल हाईकोर्ट अपने मुकदमों की पैरवी के लिए आने वाले वादियों को सीधी बस सेवा न होने से खासी परेशानी होती है। सुनवाई के दौरान परिवहन निगम के अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि निगम ने पूर्व में सभी जिलों के लिए बस सेवा शुरू की थी। सवारियां न होने से ये बसे बंद हो गई। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने उत्तराखंड परिवहन निगम को तीन सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए।