रामनगर। निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने शनिवार को ओक बड्स स्कूल में जमकर प्रदर्शन किया। पुलिस प्रशासन के मौके पर पहुंचने पर मामला शांत हो सका। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि शिक्षा का बाजारीकरण किसी भी कीमत पर बर्दास्त नहीं किया जाएगा।
एबीवीपी कार्यकर्ता शनिवार को प्रदेश मंत्री चंदन सिंह बिष्ट के नेतृत्व में शिवलालपुर स्थित ओक बड्स पब्लिक स्कूल में पहुंच गए। वहां स्कूल प्रबंधक द्वारा अभिभावकों को पुस्तकें बेचते देख कार्यकर्ताओं का पारा चढ़ गया। इससे गुस्साए कार्यकर्ताओं ने स्कूल प्रबंधक पर कार्रवाई की मांग को लेकर स्कूल से बाहर निकलकर स्कूल प्रशासन हाय-हाय के नारे लगाने शुरू कर दिए।
प्रदेश मंत्री चंदन सिंह बिष्ट ने कहा कि निजी स्कूलों में एनसीईआरटी की पुस्तकें लागू करने के आदेश हैं, लेकिन स्कूल संचालक इसका उल्लंघन कर रहे हैं, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिला संयोजक नदीम अख्तर ने आरोप लगाया कि प्रशासन, स्कूलों की मिलीभगत के चलते ही अभिभावकों की जेब पर डाका पड़ रहा है।
इधर, हंगामे की सूचना पर सेल टेक्स अधिकारी, तहसीलदार सुंदर सिंह तोमर मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्कूल के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। कहा कि आरोप सिद्ध होने पर स्कूल के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं, एसडीएम पारितोष वर्मा ने बताया कि शुक्रवार को भी सेल्स टैक्स अधिकारियों द्वारा कई स्कूलों में जांच भी कराई गई है।
10 अप्रैल को सभी निजी स्कूल संचालकों की बैठक बुलाई गई है। प्रदर्शन करने वालों में नगर अध्यक्ष यतिन रौतेला, गौतम मटियाली, श्याम रावत, जितेंद्र सिंह रावत, रोबिन बिष्ट, अमित कुमार, नृपेंद्र ठाकुर, भूपाल रौतेला, सूरज रावत, योगेश सती, विक्रम जोशी, तेजेश्वर घुघत्याल आदि कार्यकर्ता थे।