कॉर्बेट प्रशासन एवं वन विभाग पर पर्यटन विरोधी नीतियां लागू करने का आरोप लगाते हुए कॉर्बेट होटल एवं रिजार्ट एसोसिएशन के बैनर तले पर्यटन व्यवसाय से जुड़े सैकड़ों लोगों ने सीटीआर मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। उन्होंने कॉर्बेट पार्क निदेशक समीर सिन्हा का घेराव करते हुए उन्हें 13 सूत्री मांग पत्र भी सौंपा।
मंगलवार सुबह पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत होटल एवं रिजार्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष हरि सिंह मान के नेतृत्व में पर्यटन व्यवसायी सीटीआर मुख्यालय पहुंचे। उन्होंने कहा कि यदि एक एक सप्ताह के भीतर उनकी सभी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो वे कार्बेट मुख्यालय में लगे कंप्यूटर तोड़ देंगे। साथ ही आमरण अनशन भी करेंगे।
मांग पत्र में उन्होंने पर्यटकों की आईडी बुकिंग के बजाय प्रवेश गेट पर चेक करने, पार्क की बुकिंग वेबसाइट को साइबर दलालों से मुक्त किए जाने, पार्क द्वारा प्रस्तावित शुल्क वृद्धि को निरस्त किए जाने, पार्क के बफर जोन में ऐलीफेंट सफारी को पर्यटकों के लिए दोबारा शुरू किए जाने, रामगंगा नदी में फिशिंग के परमिट जारी करने, पर्यटक गतिविधियों के संचालन के लिए एक स्थानीय समिति बनाये जाने (इसमें पर्यटन व्यवसायी, नेचर गाइड, जिप्सी स्वामी, होटल संचालक व स्थानीय ग्रामीण शामिल हों) की मांग की है।
स्थानीय लोगों के लिए भी पार्क में आरक्षण की व्यवस्था किए जाने, पार्क की ऑफिसियल वेबसाइट को साजिशन निजी हाथों में दिए जाने जाने की सीबीआई जांच कराने, पार्क में ईको टूरिज्म, पर्यटन में जानकारी रखने वाले वन्य जीव अधिकारियों की नियुक्ति किए जाने, पार्क में पिछले तीन वर्षों में पर्यटन सुविधाओं तथा पर्यटन गतिविधियों के मद में कराये गये कार्यों व खर्च की गई धन राशि की जांच सीबीआई से कराने के अलावा वन विभाग के सीतावनी और कॉर्बेट पार्क के बिजरानी जोन को प्रतिवर्ष एक अक्टूबर से खोलने की मांग की है।
ज्ञापन देने वालों में विक्रम बलवारिया, मोहित डंगवाल, पुनीत सचदेवा, एजे अंसारी, इमरान खान, वीरेंद्र सेमवाल, राजेंद्र लार्ड, मीनाक्षी असवाल, वीरेंद्र रावत, मदन जोशी, विनय कनका, डीएस जीना, जिप्सी चालक, हाथी सवारी समेत पर्यटन से जुड़े लोग शामिल थे।