नंदा देवी महोत्सव में फ्लैट्स मैदान में पर्ची के आधार पर आवंटित दुकानों को जिला प्रशासन द्वारा हटाए जाने के खिलाफ जहां बाहर से आए सैकड़ों कारोबारियों ने धरना-प्रदर्शन किया, वहीं पालिका परिसर में मेला कारोबारियों के साथ जिला प्रशासन की कार्रवाई के खिलाफ पालिकाध्यक्ष और सभासद भी धरने पर बैठे। पालिकाध्यक्ष ने जिला प्रशासन पर मेले में आए कारोबारियों के साथ ही पालिका सभासदों का उत्पीड़न का आरोप लगाया।
धरना स्थल पर हुई सभा में पालिकाध्यक्ष श्याम नारायण ने कहा कि हाईकोर्ट ने दुकानों का आवंटन पालिका से कराए जाने और आवंटन के दौरान पालिका को मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में पर्याप्त पुलिस फोर्स दिए जाने के निर्देश दिए थे। दुकानों के आवंटन के समय प्रशासन की ओर से कोई सहयोग नहीं किया गया। जब पालिका ने अपने स्तर से दुकानों का आवंटन किया तो जिलाधिकारी के निर्देश पर पर्ची काटकर दुकान लगाए लोगों की दुकानें रात में आकर तोड़ दी गईं।
जिलाधिकारी से विरोध दर्ज कराया तो उन्होंने एफआईआर कराने तक की धमकी दे डाली। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन की मनमानी के कारण कारोबारियों के साथ ही सभासदों का भी उत्पीड़न किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट के अधिवक्ता को प्रकरण से अवगत करा दिया गया है। उन्होंने कहा कि सभासदों और कारोबारियों के साथ न्याय नहीं होने तक धरना जारी रहेगा।
सभासद डीएन भट्ट ने कहा कि डीएम कुछ लोगों की शह पर इस तरह के कदम उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो भी डीएम को कदम उठाने थे वह पालिका के खिलाफ उठाते और मेले को शांतिपूर्ण होने देते। सभा में सभासद दीपक रूबाली, पंकज कुलौरा, कैलाश अधिकारी, महेश आर्या, महेश भट्ट आदि ने भी विचार रखे।