स्वच्छ भारत मिशन हल्द्वानी रेलवे स्टेशन के पास दम तोड़ रहा है। हल्द्वानी रेलवे स्टेशन के पास मालगाड़ियों के यार्ड को अतिक्रमणकारियों ने शौचालय बना दिया है। रेलवे की जमीन पर चिन्हित 4,365 अतिक्रमणकारियों पर कार्रवाई के लिए प्रयासरत रेलवे विभाग अपने ही यार्ड की जमीन के दुरपयोग पर मौन है।
रेलवे की इस लापरवाही से हल्द्वानी रेलवे स्टेशन पर प्रतिदिन हजारों यात्रियों और कर्मचारियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रेलवे ने गफूर बस्ती से लेकर इंदिरा नगर तक करीब कई लाख वर्गमीटर रेलवे की जमीन पर अतिक्रमणकारियों का कब्जा है।
रेलवे के नोटिसों के तामील होने के बाद बरेली (यूपी) में लगातार जवाब तलब किये जा रहे हैं। हल्द्वानी रेलवे स्टेशन से सटी मालगाड़ियों के यार्ड की जमीन को रेलवे ने किसी तरह चहारदीवारी कर अतिक्रमणकारियों से बचाया है। लेकिन अब रेलवे की ही लापरवाही से 50 हजार वर्ग मीटर की इस जमीन को अतिक्रमणकारियों ने शौचायल बना दिया है।
रेलवे स्टेशन के बेहद नजदीक होने के कारण हजारों यात्री और कर्मचारी इस गंदगी की इस समस्या से जूझ रहे हैं। मालगाड़ियों के रैक उतारने के लिए बने इस यार्ड के सामने ही टिकट घर, आरक्षण केंद्र , रेलवे कोर्ट और आरपीएफ के कार्यालय हैं। इसके बावजूद रेलवे विभाग इस समस्या के प्रति गंभीर नहीं है।
रेलवे स्टेशन के आसपास अवैध बस्तियों और गरीब तबके के लोग अपना शौचालय न होने से रेलवे के खाली पड़े यार्ड की जमीन को शौचालय के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। इस संबंध में हल्द्वानी रेलवे स्टेशन अधीक्षक डीसी जोशी कहते हैं कि यार्ड की जमीन पर शौच करने वालों को आरपीएफ की तरफ से कई बार चेतावनी दी है, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।
उन्होंने बताया कि एक जुलाई को सेना की मालगाड़ियों के इस यार्ड पर रैक उतरी थी। उस समय यहां सफाई की गई थी, फिर से समस्या जस की तस बन गई है। सेक्शन इंजीनियर केएन पांडे कहते हैं यात्रियों और कर्मचारियों की समस्या को देखते हुए कार्रवाई की जाएगी।
हल्द्वानी रेलवे स्टेशन में अब कम आती हैं मालगाड़ियां
हल्द्वानी रेलवे स्टेशन पर नब्बे के दशक तक मालगाड़ियों की काफी आवाजाही होती थी। अब साल में एक या दो बार ही सेना की मालगाड़ियों से रैक उतरते हैं। इस कारण यार्ड की जमीन पर सूनसानी पसरी रहती है।
जानकारों ने बताया कि नब्बे के दशक में हल्द्वानी रेलवे स्टेशन से निकली चावल से लदी मालगाड़ी लालकुआं से पहले दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इसके बाद मालगाड़ियों की आवाजाही न के बराबर हो गई है।
रेलवे फाटक के पास उपखनिज का हो रहा है स्टॉक
हल्द्वानी रेलवे स्टेशन से कुछ आगे पटरियों के पास खच्चरों से अवैध रूप से उपखनिज को एकत्रित किया जा रहा है। इनसे रेलवे पटरी के पास कभी भी हादसा होने की आशंका रहती है। लेकिन इस पर रेलवे विभाग गंभीर नहीं है।