रविवार को कुमाऊं पहुंचे विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया ने केंद्र सरकार को स्वास्थ्य सेवाओं के बहाने आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि भारत सरकार देश में नेपाल और बांग्लादेश से भी कम पैसा स्वास्थ्य सेवाओं पर खर्च कर रही है। खटीमा में हुए कार्यक्रम में तो तोगड़िया ने साफ कहा कि देश में हिंदुओं को परेशान करने वाले कानून बनाए जा रहे हैं।
हल्द्वानी के एक होटल में इंडिया हेल्थ लाइन के कार्यक्रम में तोगड़िया कहा कि केंद्रीय क्लीनिकल इस्टेबलिशमेंट बिल से कारपोरेट कल्चर बढ़ जाएगा। यूरोप की यह व्यवस्था भारत में नहीं लागू हो सकती। अभी एपेंडिस का आपरेशन 15 हजार में हो जाता है। बिल लागू होने के बाद आपरेशन के लिए 75 हजार रुपये देने पड़ेंगे। निजी नर्सिंग होम बंद हो जाएंगे और डाक्टरों को कारपोरेट अस्पतालों में जाकर नौकरी करनी पड़ेगी। क्लीनिकल इस्टेबलिशमेंट बिल लागू होने से गरीब मरीज इलाज से महरूम हो जाएगा।
तोगड़िया ने बिल को अंतरराष्ट्रीय साजिश करार दिया। कहा कि डाक्टरों के साथ जनता को इसका विरोध करना चाहिए। विरोध करने वाले सभी लोगों के साथ मैं खड़ा रहूंगा। उन्होंने कहा कि देश में 40 करोड़ लोग बीमार हैं। स्वास्थ्य सेवाओं का बुरा हाल है। कुछ-कुछ ऐसा स्वर तोगड़िया का खटीमा में भी रहा। सेवा प्रकल्प के शुभारंभ कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि देश में हिंदू खतरे में है। देश में जो भी कानून बनाए जा रहे हैं, वह हिंदुओं को परेशान करने के लिए बनाए जा रहे हैं।