गौला बैराज के गेट खोले जाने से रविवार को शहर की पेयजल सप्लाई में खास असर नहीं पड़ा। सिंचाई विभाग की ओर से शाम चार बजे बाद गौला बैराज के गेट खोले जाने से जलसंस्थान के ट्रीटमेंट प्लांट को दिनभर पेयजल आपूर्ति होती रही, जिस वजह से रविवार को गौला गेट खोले जाने का अधिक असर पेयजल सप्लाई पर नहीं पड़ा। अब सोमवार को पूरे दिन शहर की पेयजल आपूर्ति बाधित रहेगी।
सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता तरुण कुमार बंसल ने बताया कि गौला बैराज के गेट रविवार शाम चार बजे बाद खोले गए। उससे पहले जलसंस्थान के ट्रीटमेंट प्लांट को निरंतर पेयजल आपूर्ति की गई। सोमवार दोपहर 12 बजे तक गौला गेटों की मरम्मत का काम चलेगा। सोमवार शाम को ट्रीटमेंट प्लांट के लिए पानी देने का प्रयास किया जाएगा।
इधर, जलसंस्थान के अधिशासी अभियंता विशाल कुमार सक्सेना ने बताया कि प्रभावित इलाकों में रविवार को भी सामान्य दिनों की तरह टैंकरों से पेयजल वितरित किया गया। गौला बैराज से ट्रीटमेंट प्लांट की सप्लाई बाधित नहीं हुई। ट्रीटमेंट प्लांट में पेयजल उपलब्ध होने से रविवार शाम को भी अन्य दिनों की तरह नियमित पेयजल आपूर्ति की गई। गौला बैराज के गेट खोले जाने से रविवार को सप्लाई बाधित नहीं हुई। उन्होंने कहा कि सोमवार को सुबह से सप्लाई बाधित होने के चलते टैंकरों से पेयजल वितरित किया जाएगा। टैंकर केवल उन्हीं इलाकों में भेजे जाएंगे जिन इलाकों से डिमांड की जाएगी। उन्होंने स्वीकार किया कि सोमवार को पूरे दिन पेयजल आपूर्ति बाधित हो सकती है।
निजी कार्यक्रमों, समारोहों में नहीं जाएंगे टैंकर
जलसंस्थान के ईई विशाल कुमार सक्सेना ने बताया कि सोमवार को शहर में पेयजल की संभावित किल्लत को देखते हुए टैंकर चालकों को अलर्ट किया गया है। जिन इलाकों में अधिक किल्लत होगी वहां टैंकर भेजे जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि निजी कार्यक्रमों और वैवाहिक समेत तमाम समारोहों के लिए टैंकरों से पेयजल वितरित नहीं किया जाएगा।
सोमवार तक होगा नदी डायवर्जन का काम
हल्द्वानी। गौला बैराज के गेटों की मरम्मत के लिए सिंचाई विभाग ने बैराज के सभी छह गेट खोल दिए हैं लेकिन अभी पानी नदी से डायवर्ट नहीं हो सका है। नदी का पानी नहरों में डायवर्ट करने के लिए पोक लैंड मशीन लगाई गई है। मशीन से पानी डायवर्ट करने का काम सोमवार को भी जारी रहेगा। जब तक पूरा पानी नहरों में डायवर्ट नहीं हो पाएगा तब तक बैराज के गेटों की मरम्मत का काम शुरू नहीं हो पाएगा। सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता एनसी पांडे ने बताया कि रविवार को देर शाम गौला बैराज के गेट खोलकर नदी का पानी नहरों में डायवर्ट करने के लिए पोक लैंड मशीन लगाई गई है। पोक लैंड मशीन से कंच्चा बंधा बनाकर सभी नहरों में पानी चलाया जाएगा। यह काम सोमवार तक जारी रहेगा।
ऊंचापुल, जज फार्म के नलकूप ठीक नहीं हुए
हल्द्वानी। ऊंचापुल, जज फार्म और गौलापार स्थित नैब परिसर के नलकूप ठीक नहीं हो पाए हैं। लोग निजी टैंकरों से पेयजल व्यवस्था कराने को मजबूर हैं। कुसुमखेड़ा में दो दिन पूर्व नलकूप खराब हुआ है जबकि जज फार्म और नैब के नलकूप चार दिन से खराब पड़े हैं। नलकूपों के खराब होने से इन इलाकों की करीब 20 हजार की आबादी परेशान हैं। जलसंस्थान के सहायक अभियंता एलएम पांडे ने बताया कि एक दो दिन में पेयजल सप्लाई सुचारु कर दी जाएगी।
पेयजल किल्लत से निपटना होगी चुनौती
शहर की पेयजल व्यवस्था का प्रमुख स्रोत गौला नदी है। गौला बैराज से जलसंस्थान के शीशमहल स्थित ट्रीटमेंट को पेयजल की सप्लाई होती है। गौला गेटों की मरम्मत के चलते नदी का पानी कच्चा बंधा बनाकर नहरों में पानी छोड़ा जाएगा। जब तक गौला बैराज के गेटों की मरम्मत का काम पूरा नहीं हो जाता तब तक यह व्यवस्था जारी रहेगी। कच्चे बंधे के सहारे कई दिनों तक शहर की पेयजल सप्लाई जारी रहने से आपूर्ति सुचारू रह पाएगी या नहीं इस पर संदेह है। हालांकि विभागीय अधिकारी पेयजल आपूर्ति सुचारु बनाए जाने का दावा कर रहे हैं। अधिशासी अभियंता तरुण बंसल का कहना है कि जब तक बैराज के गेटों की मरम्मत नहीं हो जाती तब तक कच्चे बंधे के जरिए नहरों से सिंचाई और पेयजल के लिए लगातार पानी छोड़ा जाएगा। उनका कहना है कि कच्चे बंधे से सिंचाई और पेयजल के लिए पानी की दिक्कत न हो इसलिए इसे मजबूत बनाने का प्रयास किया जाएगा। इस बंधे की मजबूती पर ध्यान दिया जाएगा। इधर, जलसंस्थान के अधिशासी अभियंता विशाल कुमार सक्सेना का कहना है कि प्लांट तक आपूर्ति सुचारु होती रही तो पेयजल सप्लाई में कोई दिक्कत नहीं होगी लेकिन प्लांट को होने वाली आपूर्ति अव्यवस्थित हुई तो सप्लाई सिस्टम में दिक्कत आ सकती है।