हल्द्वानी। बेस अस्पताल के डायलिसिस सेंटर का करार सियासी संकट में फंस गया है। सियासी संकट के चलते रिन्यूअल की फाइल शासन में धूल फांक रही है। डायलिसिस सेंटर का करार आठ मार्च को समाप्त हो चुका है। स्वास्थ्य महानिदेशक ने एक सप्ताह के भीतर रिन्यूअल होने की बात कही थी मगर दावा हवा मेें ही है। बेस अस्पताल में डायलिसिस सेंटर राही हेल्थ केयर पीपीपी मोड पर चल रहा है।
प्रतिदिन बेस अस्पताल में लगभग 60 से 80 मरीजों की डायलिसिस होती है। डायलिसिस तीन शिफ्टों में होती है। गरीब मरीजों को कम दामों में बेस अस्पताल में डायलिसिस की सुविधा मिल जाती है। निजी अस्पतालों में डायलिसिस काफी महंगी है। राही हेल्थ केयर का करार आठ मार्च को समाप्त हो गया था। रिन्यूअल के लिए बेस अस्पताल के सीएमएस डा. एससी पंत ने स्वास्थ्य महानिदेशक डा. कुसुम नरियाल को दो बार पत्र भी लिखा मगर नतीजा सिफर ही रहा।
डा. नरियाल ने एक सप्ताह के भीतर डायलिसिस सेंटर के करार का रिन्यूअल होने की बात कही थी मगर अभी तक कुछ नहीं हुआ है। सूत्रों की मानें तो देहरादून में मचे सियासी घमासान में रिन्यूअल की फाइल भी शासन में अटक गई है। हालांकि स्वास्थ्य महानिदेशक से मौखिक आश्वासन मिलने के बाद तीन माह तक डायलिसिस की सुविधा मरीजों को मिलती रहेगी।