रामनगर। रामनगर के रोडवेज स्टेशन के कर्मचारी अपनी लापरवाही के चलते यात्रियों की जान जोखिम में डालने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। वर्कशॉप में नए टायर होने के बावजूद कर्मचारी बसों के अगले टायरों पर भी रबर चढ़े टायर लगा रहे हैं जो नियम विरुद्ध है और इससे सड़क हादसों की आशंका बनी हुई है।
रामनगर रोडवेज डिपो की 70 बसें हैं जिनका संचालन यूपी, दिल्ली समेत पर्वतीय क्षेत्रों में किया जाता है। इनमें 50 बसें डिपो जबकि 20 बसें अंडरटेकिंग की है। इनकी सर्विसिंग के लिए डिपो में करोड़ों की लागत से वर्क शॉप का निर्माण किया गया है। बसों में बेहतर टायर लगाने के लिए विगत छह माह में 80 टायर आए थे। मौजूदा समय में दो टायर मौजूद हैं। बुधवार को पड़ताल के दौरान डिपो में खड़ी कई बसों के आगे के टायरों पर रबर चढ़े मिले जिन्हें विभिन्न रूटों पर भेजा गया।
इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे सकते हैं ये टायर
नियमों के मुताबिक बसों के आगे नए टायर लगाए जाते हैं, लेकिन टायरों की कमी के कारण कुछ बसों में आगे लगे टायरों में भी रबर चढ़ाकर काम चलाया जा रहा है। बस में सबसे ज्यादा भार पिछले टायरों पर पड़ता है। पीछे के चार और आगे के दो टायर पूरी बस का भार सहते हैं। मैदानी रूटों में बसें काफी तेज रफ्तार में चलती हैं। रबर चढ़े टायरों के फटने की आशंका भी अधिक होती है। ऐसे में हादसों की संभावना बनी रहती है।
कोट-
बसों में अगले टायरों पर रबर चढ़ाने का मामला संज्ञान में आया है। मामले में फोरमैन को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है। तत्काल बसों के अगले चढ़े रबर वाले टायरों को हटाने के निर्देश दिए हैं। - नवीन आर्या, एआरएम, रामनगर।