गन्ने के खेतों में वन्यजीवों का वास स्थल बनाना विभाग के लिए चुनौती बन गया है। वन महकमे की सारी थ्योरी फेल करते हुए बाघ व गुलदार भी एक ही क्षेत्र में पाए जाने से विभाग होश उड़े हुए हैं।
बाघिन को मारने और पकड़ने के सारे प्रयास सफल नहीं हो सके हैं। इसी के मद्देनजर बाघिन की उपस्थिति पता करने को क्षेत्र में कैमरा ट्रैप लगाए गए। कैमरा ट्रैप में एक ही क्षेत्र में एक घंटे के अंतराल में बाघ व गुलदार दोनो कैद हो गये।
मजे की बात तो ये है की बाघिन के लिए बांधा भैंसा गुलदार खा गया। वन संरक्षक डॉ. धकाते का कहना है कि गन्ने के खेत में सघनता, जंगल की तुलना में कई बार मानवीय गतिविधियां कम होने और पर्याप्त शिकार मिलने के कारण वन्यजीव को यह जगह पसंद आती है।
इन जगहों पर पाड़ा भी दिखाई दिया है। वन विभाग इसके लिए वैज्ञानिकों के जरिए अध्ययन भी कराएगा।