तराई पश्चिमी वन प्रभाग के आमपोखरा रेंज की आदमखोर बाघिन को पकड़ने के लिए भैंसे की दावत का इंतजाम किया गया था, लेकिन यह दांव सही नहीं पड़ा। भैंसे को गुलदार खाकर चलता बना। वहीं, बाघिन सोमवार को फिर छलावा साबित हुई।
बस उम्मीद और हौसला बढ़ाने वाली बात कैमरा ट्रैप मिली। उसकी फोटो और पग मार्ग से उसकी लोकेशन का पता चलना था। ऐसे में आपरेशन में लगे अधिकारी आने वाले 24 घंटे महत्वपूर्ण बता रहे हैं।
एसडीओ कलम सिंह बिष्ट ने बताया कि सुबह मोतीपुर गांव में मेड़ से उमेदपुर की तरफ को बाघिन के पगमार्क मिले थे। जिसके चलते सुबह से शाम तक उमेदपुर में जाल लगा के हाका व हाथियों से घेराबंदी की गई लेकिन कोई कामयाबी हासिल नही हुई।
लेकिन इतना जरूर हुआ कि बाघिन के लिए बांधा गया भैंसा गुलदार ने मार कर अपना निवाला बनाया, जो कैमरा ट्रैप में कैद भी हुआ है। फिलहाल विभाग बाघिन की खोजबीन में लगा हुआ है। पश्चिमी वृत्त वन संरक्षक डा. पराग मधुकर धकाते कहते हैं कि बाघिन की काफी हद तक लोकेशन का पता चल चुका है। जल्द सफलता मिलने की उम्मीद है।