रामनगर (नैनीताल)। तराई पश्चिमी वन प्रभाग के फाटो जोन में इन दिनों एक बाघिन चर्चा में है। बाघिन अपने शावक को नर बाघ से बचाने के लिए फेक मेटिंग कॉल कर रही है ताकि नर बाघ उसके शावक को ना मारे। इस घटना पर वन्यजीव विशेषज्ञों ने नजर बनाई है।
फाटो जोन में बाघिन और शावक की जोड़ी पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई। पिछले दो सप्ताह से बाघिन के आसपास एक नर बाघ देखा जा रहा है। इस नर से शावक को बचाने के लिए बाघिन की जद्दोजहद चल रही है। बाघिन फेक मेटिंग कर किसी तरह अब तक शावक को बचाने में कामयाब हुई है। उसकी यह जद्दोजहद कितने दिन तक सफल होती है, यह बाद में पता चलेगा। दरअसल नर बाघ बाघिन के साथ मेटिंग करने के लिए उसके शावकों को मार देता है।
नवंबर से फरवरी तक होता हैं मेटिंग का समय
वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर दीप रजवार बताते है कि फेक मेटिंग प्रक्रिया है, जो नर से शावक को बचाने के लिए बाघिन करती है। इससे पहले कॉर्बेट पार्क के ढिकाला में रामगंगा नदी पार एक बाघिन ने अपने तीन शावकों को बचाने के लिए नर बाघ से फेक मेटिंग की थी। उस समय भी फेक मेटिंग चर्चा का विषय बना था। दीप रजवार के अनुसार बाघ और बाघिन के मेटिंग का समय नवंबर से लेकर फरवरी तक है। बाघिन का गर्भकाल 90 दिनों का होता है। फाटो जोन में इन दिनों बाघिन के पास बाघ की गतिविधि देखी जा रही है।
कोट
फाटो में शावक के साथ दिख रही बाघिन फेक मेटिंग कर रही है। फेक मेटिंग बाघिन शावक को बचाने के लिए कर रही है। वन कर्मियों को बाघिन और उसके शावक पर नजर रखने को गया है। वहीं बाघ की गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है। - संदीप गिरी, एसडीओ तराई पश्चिमी वन प्रभाग